बाराबंकी। देवोत्थानी एकादशी जिले में पूरे उल्लास से मनाई गई। गन्ने के मंडप तले शालिग्राम-तुलसी की पूजा-अर्चना के साथ विधि-विधान से विवाह हुआ। इसी के साथ वैवाहिक आयोजन सहित अन्य मांगलिक अनुष्ठान की शुरुआत हो गई है। मान्यता के अनुसार देवोत्थानी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागकर पृथ्वी पर शुभता का संचार करते हैं। इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जाती है।
इस अवसर पर महिलाओं ने तुलसी विवाह का आयोजन किया। तुलसी वृक्ष की वेदी को गोबर से लीपकर सजाया गया। उसके बाद फूल, फल, मिठाई, चुनरी, दीपक और सालिग्राम के साथ विधि-विधान से पूजन किया गया। मांगलिक गीतों की गूंज के बीच महिलाओं ने सामूहिक रूप से तुलसी विवाह सम्पन्न कराया।
निंदूरा क्षेत्र के ग्राम टीकरहार, फतेहपुर, रामनगर, हैदरगढ़ व सिरौलीगौसपुर सहित जिले भर में शनिवार को महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस मौके पर ऊषा गुप्ता, कल्पना गुप्ता, नीरा, प्रियम, रूपाली व ज्योत्सिना सहित तमाम महिलाएं सपरिवार इस पूजा में शामिल हुईं।