जैदपुर (बाराबंकी)। चार वर्ष के मासूम बेटे को गोद में लेकर मां बस से उतर रही थी। इसी बीच चालक ने बस को आगे बढ़ा दिया। ऐसे में बस के नीचे आकर मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक की लापरवाही को लेकर आसपास मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई। हालांकि थाने के पास हुए हादसे के बाद उपजे हालात को पुलिस ने फौरन ही संभाल लिया।
आननफानन में मां बेटे को सीएचसी भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने मां को मृत घोषित कर दिया। वहीं बेटे को जिला अस्पताल भेजा। जहां उसकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। हादसा शुक्रवार को जैदपुर के थाना चौराहे के पास हुआ।
कोठी थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी स्वर्गीय मन्नालाल की पत्नी फुलवासा (35) चार साल के मासूम बेटे विराट के साथ भानमऊ अपने मायके जाने के लिए घर से निकली थी। इस दौरान वह बाराबंकी डिपो की अनुबंधित बस से जैदपुर आई थी। यहां थाना चौराहे से भानमऊ के लिए साधन मिलता है। लिहाजा वह वहां पर मासूम बेटे को गोद में लेकर बस से नीचे उतर रही थी।
वह नीचे ठीक तरह से उतर ही नहीं पाई थी कि चालक ने बस आगे बढ़ा दी। इससे बस के पहिये की नीचे मां व मासूम दोनों आ गए। देखते ही देखते हादसे के गवाह बने आसपास मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। मगर, पड़ोस में थाना होने के कारण पहुंचे पुलिस कर्मियों ने मौके के हालात संभाले। आननफानन में मां व मासूम को एंबुुलेंस से सीएचसी भेजकर आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर बस को कब्जे में ले लिया।
उधर, सीएचसी में चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जबकि मासूम का पैर क्षतविक्षत होने के कारण पहले उसे जिला अस्पताल भेजा गया फिर वहां से उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस संबंध में कस्बा चौकी इंचार्ज हरिशंकर साहू ने बताया कि हादसे की सूचना मृतका के परिवारीजनों को देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बस को कब्जे में लेकर कार्रवाई की जा रही है। वहीं गंभीर रूप से घायल मासूम को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जैदपुर कोतवाल संदीप राय ने बताया कि बस चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
पहले पिता का साया तो अब मासूम से छीनी मां की गोद
हादसे में गंभीर रूप से पैर को पहुंची क्षति के बाद जिंदगी व मौत की जंग लड़ रहे मासूम विराट का बचपन अनबूझ पहेली बन गया। पिता की मौत के बाद मां की गोद व आंचल ही उसका सहारा था। मगर, शायद ईश्वर को वह मंजूर नहीं था और वह भी छिन गया। शुक्रवार सुबह बेटे को ननिहाल लेकर घर से निकली मां को शायद यह नही मालूम था कि जिस बस से वह अपने मासूम को लेकर जा रही वही उसके लिए काल बन जाएगी। हादसे के बाद जिसे इसकी जानकारी हुई उसकी आंखें नम हो गई। सभी मासूम के लिए दुआएं करते दिखे।
सुधरने का नाम नहीं ले रहे चालक
बाराबंकी। सड़क सुुुरक्षा माह मनाया जा रहा है पर सरकारी विभागों के चालकों सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। जैदपुर की घटना ने जहां सबको सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं रोडवेज चालकों की मनमानी शहर से लेकर हर जगह साफ दिखाई पड़ती है। एसपी द्वारा एआरएम से बस चालकों की मनमानी को लेकर जगह-जगह बस रोकने की बजाय स्टॉपेज पर रोकने का आदेश दिया गया है। एक दिन पहले हुए इस आदेश पर अमल हो जाता तो शायद जैदपुर का यह दर्दनाक हादसा टल जाता।
शहर से लेकर कस्बों तक में सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन हादसों के हमेशा से कारण बने है। वहीं अनुबंधित बसों के चालकों के जल्दबाजी व लापरवाही कई बार हादसों के रूप में सामने आई। मगर, इसमें इन चालकों का रवैय्या नहीं बदला। बस को धीमा कर नगर बस की तरह सवारियों को उतारने व चढ़ाने का काम, चलती बस में मोबाइल पर बात करना आम बात है। जो जैदपुर थाने के समीप हुई दर्दनाक घटना के रूप में सामने आई। गनीमत रही कि घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शियों के हाथों पिटने से पहले ही चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया।
बस चालक व परिचालकों को यातायात नियमों की जानकारी के साथ लगातार सचेत किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा माह के तहत कार्यशाला व बैठक कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। चालक लापरवाही न बरतें इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। चालक की मनमानी व लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- आरएस वर्मा, एआरएम