दरियाबाद के रसूलपुर कलागांव में सिलाई का काम सिखातीं रिशा।
दरियाबाद। स्थानीय ब्लॉक के रसूलपुर कला गांव की रिशा तुफैल दहेज के विरुद्ध मुहिम के साथ ही महिलाओं को हुनरमंद भी बना रही हैं। रिशा ने ‘दहेज पर प्रहार सोशल ट्रस्ट’ की सक्रिय सदस्य हैं। इस ट्रस्ट के जरिये रिशा दहेज रहित विवाह करने के लिए समाज के लोगों को जागरूक करती हैं। साथ ही महिलाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करती हैं। ताकि जब महिला स्वयं कमाने लायक होगी तो दहेज उसके विवाह में आड़े नहीं आएगा।
रिशा ने ट्रस्ट की ओर से गाजीपुर, मोहदीपुर व बड़नपुर गांव में सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रखा है। प्रत्येक केंद्र पर 20-20 महिलाएं और बालिकाएं सिलाई सीख रही हैं। रिशा स्वयं भी परास्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। इनका कहना है कि शिक्षा ही वह संबल है, जिससे सबकुछ संभव है। अपने गांव व कुछ रिश्तेदारों के यहां दहेज के लिए परेशान महिलाओं की दशा देखने के बाद दहेज के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। अब तो सरकार सामूहिक विवाह कराती है। इसलिए लोगों को दहेज रहित विवाह की बात आसानी से समझ में आती है। गरीब परिवार के लोग आसानी से मान जाते हैं। सरकार की ओर से मदद भी मिल रही है। जब महिलाएं हुनरमंद होंगी तभी दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकेगा।