चार दिनों से मौसम में हो रहे सुधार के बाद बुधवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल गया। रात से ही बर्फीली पुछआ हवाओं से जनजीवन कांप उठा। भोर में हालात और भी बिगड़ गए। जिससे पूरा जनजीवन बदहाल रहा। रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर ठंड के चपेट में आई एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। जीआरपी का कहना है कि मृतका के शरीर पर स्वेटर तो था लेकिन ठंड अधिक थी। इससे संभावना है कि ठंड से ही महिला की मौत हुई है। बुधवार को तापमान न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में खिली धूप से लोगों ने राहत महसूस की। शाम ढलते ही फिर से गलन बढ़ गई। जिससे लोग घरों में दुबक गए।
जम्मू कश्मीर में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिखाई पड़ रहा है। मंगलवार की रात मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। बर्फीली हवाओं के चलते लोग ठिठुर उठे। भोर में बर्फीली पछुआ हवाओं के चलते से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। नन्हे मुन्ने भीषण ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
हालांकि दोपहर में खिली धूप ने ठंड से राहत दी। लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तक भीषण गलन बरकरार रही। भीषण ठंड व गलन के चलते रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार की रात एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जीआरपी दरोगा जवाहर लाल पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। महिला रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में शाम को लेटी थी। ठंड से बचने के लिए पर्याप्त कपड़े भी नहीं थी। रात में ही उसकी मौत हो गई। इससे लग रहा है कि ठंड के चलते उसकी मौत हुई है। शव की शिनाख्त नहीं होने से उसे पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
नहीं है अलाव के इंतजाम
पिछले कुछ दिनों से दोपहर में धूप से भले ही राहत मिल रही है। लेकिन भोर व शाम को भीषण ठंड के बाद भी तहसील प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन अलाव जलवाने को लेकर गंभीर नहीं है। जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे स्टेशन, बंकी ब्लॉक के सामने, छाया चौराह सहित अन्य स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए जा रहे हैं।