बाराबंकी। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को डेंगू की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला की हालत गंभीर होने पर उसे सफेदाबाद स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा गांव में आठ अन्य लोग डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके तक नहीं पहुंची। वहीं अस्पतालों में भी इस रोग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
शहर से सटी ग्राम पंचायत शुक्लई निवासी अमित कुमार वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा (42) कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। अमित ने बताया कि हालत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जांच में डेंगू पॉजिटिव मिलने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई।
इसी गांव की सीमा गुप्ता की हालत भी काफी गंभीर है, जिन्हें परिजनों ने हिंद अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके अतिरिक्त गांव में संदीप, सत्यम, मयंक, कौशल, गीता, रमेश व नौमीलाल समेत कई लोग डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं और निजी चिकित्सकों से अपना इलाज करा रहे हैं।
अभी दो दिन पहले ही एक लेखपाल और कृषि विभाग के बाबू समेत कई लोग डेंगू पॉजिटिव मिले थे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस रोग के प्रति गंभीर नहीं है और न ही जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तक इस रोग से निपटने के लिए कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं।
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गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर
शुक्लई गांव में साफ-सफाई का अभाव दिखा। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे नालियां गंदगी से बजबजा रही थीं। लोगों ने बताया कि गांव की नियमित साफ-सफाई न होने से मच्छरों का आतंक है और लोग इनकी चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं।
वर्जन
शहर से सटी पंचायत शुक्लई में महिला की मौत की सूचना मिली है। जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। एंटी लार्वा का छिड़काव के निर्देश जिला मलेरिया अधिकारी को दिए गए हैं।
डॉ. डीके श्रीवास्तव, एसीएमओ प्रशासन