जिले भर में सुहागिनों का पर्व करवाचौथ धूमधाम व श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने निर्जल व्रत रख कर शाम को पूजा अर्चना की। इसके बाद सुहागिनों ने चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दिया और व्रत का पारण किया। रविवार को अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनों व्रत रखा।
विवधि व्यंजनों बनाने के बाद शाम को नए व पारंपरिक आभूषणों व परिधानों में सुसज्जित सुहागिनों ने हल्दी आदि से घेरा बनाया, इसके बाद करवाचौथ की कथा का श्रवण किया। दीवार में गणेश, शिव, पार्वती, कार्तिकेय और चंद्रमा आदि के चित्र बनाया। इसके बाद जल और गेहूं से भरा एक करवा रखा और सुुहागिनों ने की पूजा की। पूजा के दौरान प्रचलित कथाओं का सुना और पति का चेहरा व चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण किया। पूजा कर सुहागिनों ने चंद्रमा को अर्घ्य दिया और पति की दीर्घायु की कामना की।
जिला कारागार मेें महिला बंदियों में 18 महिलाओं ने अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। पूरे दिन बिना अन्न जल ग्रहण किए देरशाम को चांद देखकर अपने व्रत का पारण किया। जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि इन महिलाओं पति भी जेल में निरुद्ध हैं। जिला कारागार की तरफ से महिलाओं को पति से मिलवाया गया और करवाचौथ पूजन का सामान आदि मुहैय्या कराई गई।