बाराबंकी। तेज हवाओं के साथ हुई बरसात के कारण बिजली के तारों पर पेड़ व डाल गिरने से शहर की बिजली सप्लाई व्यवस्था पटरी से उतर गई। पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के तार व खंभों के कारण करीब 750 गांव की साढ़े आठ लाख आबादी ने सप्लाई बाधित होने से घंटों परेशानी झेली। इस दौरान कोटवाधाम में 12 तो रामनगर में 11 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं निंदूरा इलाके में 18 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों को पानी के संकट से भी जूझना पड़ा।
बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार देर शाम तक ट्रिपिंग की समस्या से लोग परेशान रहे। कोटवाधाम में मुख्य लाइन पर शुक्रवार देर रात हुई बारिश के दौरान एक पेड़ गिर जाने से तासीपुर, कोटवाधाम, अरियामऊ, अमनियापुर, गोपालपुर समेत 70 गांव की बिजली गुल हो गई। शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे करीब 60 हजार आबादी ने परेशानी झेली। रामसनेहीघाटक्षेत्र में सुमेरगंज में बिजली के तार पर पेड़ की डाल टूट कर गिर जाने से भीखरपुर, चौरी अलादासपुर, थोरथिया, सुमेरगंज, जेठबनी समेत करीब 50 गांव की 80 हजार आबादी प्रभावित हुई। फतेहपुर कस्बा समेत क्षेत्र के ग्राम ररिया, हसनपुर टांडा, इसरौली, कुतुलुपुर, बसारा, इसेपुर आदि करीब 50 गांव की बिजली आपूर्ति को 6 घंटे बाधित रही। जिसके कारण करीब 70 हजार की आबादी प्रभावित रही।
निंदूरा क्षेत्र शुक्रवार देर शाम पेड़ की टहनियां गिरने से बिजली की सप्लाई लाइन के तार कई जगह टूट गए। इससे मोहलिया, पिंडसवा, दादेरा, ताहिरपुर, पलटुपुर, ओदारिया, , बाबागंज, समेत करीब 40 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे 50 हजार की आबादी को करीब 18 घंटे तक बिजली संकट के दौर से गुजरना पड़ा। इसी तरह रामनगर व हैदरगढ़ में भी सप्लाई लाइन पर पेड़ की डाल टूट कर गिर जाने से करीब 400 गांवों की बिजली सप्लाई 10 से 11 घंटे तक बाधित बनी रही।