बाराबंकी। अमर उजाला बाल फिल्म महोत्सव के आयोजन लगातार नौनिहालों को शिक्षा व संस्कार को लेकर प्रेरित कर रहे हैं। शनिवार को देवा रोड स्थित गांधीनगर मोहल्ले में संस्था सार्थक के शिक्षा केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को बाल फिल्म दिखाकर संदेश दिया गया कि विपरीत हालात में भी घबराना नहीं चाहिए। किसी का मजाक उड़ाने की बजाय मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए।
गांधीनगर में गरीब बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराकर उन्हें कुछ बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। यहां गांधीनगर, हड्डीगंज, बड़ी लाइन के गरीब तबके के करीब 150 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। शनिवार को अमर उजाला ने यहीं पर आयोजन किया। करीब साढ़े 11 बजे अमर उजाला की वैन शिक्षा केंद्र पर पहुंची। शिक्षक दीपक अवस्थी व शिक्षिका अमृता गिरि ने बच्चों को अमर उजाला के आयोजन के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान बच्चों को बाल फिल्म दिखाई गई, जिसमें एक छात्र व उसके गरीब पिता की कहानी है। इस फिल्म से बताया गया कि मुश्किलें कितनी भी क्यों न हो, मगर अच्छी सोच सफलता के द्वार जरूर खोलती है। क्विज प्रतियोगिता में पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर आने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बच्चों को मुंशी प्रेमचंद्र रचित कहानी की किताबें व खेल से संबंधित पुस्तकें दी गईं। बच्चों ने एक स्वर में कहा कि वे शिक्षा व संस्कार के बल पर अपने माता-पिता न गुरुजनों का नाम रोशन करेंगे। बच्चों ने कहा कि उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए वे खूब पढ़ेंगे।
बच्चों को निखार रहा अमर उजाला
अमर उजाला की ओर से बच्चों को जागरूक करने की यह मुहिम बहुत शानदार है। इससे बच्चों में निखार आएगा। देश के प्रमुख मीडिया संस्थान की यह बड़ी उपलब्धि होगी।
- दीपक अवस्थी, शिक्षक
शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी
नौनिहालों को शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी हैं। बाल फिल्म के माध्यम से संस्कार मिल रहे हैं तो किताबों से ज्ञान भी।
- अमृता गिरि, शिक्षिका