बाराबंकी। टिकैतनगर क्षेत्र के नसीमपुर गांव में जंगली जानवर ने कृष्णा शर्मा के दरवाजे पर बंधे गाय के बछड़े को निवाला बना लिया। शुक्रवार सुबह इस घटना की जानकारी के बाद गांव में भेड़िया होने की आशंका से दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस व वन विभाग को भी दी।
मौके पर पहुंचे रेंजर संतोष मिश्रा ने बताया कि टीम ने करीब दो किलोमीटर तक जंगलों में कांबिंग की मगर कही किसी जंगली जानवर की मौजूदगी के कोई निशान नहीं मिले। वन क्षेत्राधिकारी मयंक सिंह ने बताया कि यह करतूत किसी कुत्ते या सियार की हो सकती है। डीएफओ आकशदीप बधावन ने बताया कि भेड़िया के पैर का निशान करीब 10 सेमी का होता है मगर अब तक चार पांच सेमी से कम वाले ही चिन्ह ही मिले हैं।
डीएफओ ने बताया कि विभाग पूरी तरह अलर्ट है। आम लोगों की मदद के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। सियार हिंसक हो रहे हैं। इसका वैज्ञानिक कारण भी है। बताया कि अगर कोई जंगली जानवर दिखे तो तुरंत हेल्प लाइन नंबर 05248- 222526 पर कॉल कर सूचना दे। बताया कि सूचनाओं के एकत्रित करने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मदद को पहुंचेगी।
उधर, देवा ब्लॉक की ग्राम सभा टिकरा पट्टी में शुक्रवार को जंगली जानवर को देख ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गांव के आसपास कांबिंग कर कुछ पग निशानों का नमूना भी एकत्र किया है। जिले में बीते करीब 15 दिनों से तेंदुआ व भेड़िया देखे जाने चर्चा हो रही है। कभी रामनगर इलाके में तेंदुआ आने तो कभी जैदपुर में भेड़िया की मौजूदगी की चर्चा से क्षेत्रीय लोग दहशत में है।
इन इलाकों में मिले जानवरों के पैर के निशानों की जांच के बाद अभी तक इलाके में तेंदुआ या भेड़िया होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। मोहम्मदुर खाला के कुतलूपुर गांव में जंगली जानवर के हमले से गुस्साए ग्रामीणों ने तीन दिन पहले एक सियार को पीटकर मार डाला था।