त्रिवेदीगंज। एक युवक की पत्नी लखनऊ से अपने प्रेमी के साथ लोनीकटरा थाना क्षेत्र के तहवापुर गांव चली आई। युवक मनाने पहुंचा तो पत्नी ने इंकार कर दिया। इसे लेकर दोनों में हंगामा होने पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस उन्हें समझा बुझाकर चली गई। मंगलवार सुबह युवक का शव गांव के बाहर फंदे से लटका मिला। जेब से बरामद सुसाइड नोट में लिखा था कि मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी है। लेकिन उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। मेरी आत्मा ही उससे बदला लेगी।
पुलिस के अनुसार चुनार क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी जीतू (35) लखनऊ में अपनी पत्नी के साथ रहकर मजदूरी करता था। इसी दौरान लखनऊ में मजदूरी करने वाले तहवापुर के युवक से उसकी पत्नी के प्रेम संबंध हो गए। करीब सात महीने पहले जीतू की पत्नी उसे छोड़कर प्रेमी के साथ तहवापुर आकर रहने लगी। जीतू उसे मनाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह नहीं मानी। सोमवार शाम जीतू तहवापुर पहुंचा और पत्नी से साथ चलने की गुहार लगाई। पत्नी ने फिर इंकार कर दिया। इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि गांव के लोग एकत्रित हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस मामला शांत कराकर वापस लौट गई। हंगामे और पत्नी के इनकार करने से आहत जीतू रातभर गांव क्षेत्र में भटकता रहा। मंगलवार सुबह उसका शव पास के हुसैनाबाद गांव के बाहर आम के पेड़ पर बने फंदे से लटकता मिला। थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करने के बाद मिरजापुर से आए परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मृतक के परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।
पैटर्न से लॉक था मोबाइल, खोलने की विधि भी लिखी
पुलिस के अनुसार युवक का मोबाइल फोन भी मिला जो पैटर्न से लॉक था। सुसाइड नोट में उसने पैटर्न खोलने की विधि भी लिखी। इसे खोलकर ही पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर जीतू के परिजनों से संपर्क कर उन्हें बुलाया गया।