बाराबंकी। बाजार के बढ़े भावों ने गेहूं खरीद को बंदी की कगार पर ला खड़ा किया है। हालात यहां तक पहुंच गए है कि अब मोबाइल खरीद भी कागजाें में सिमट कर रह गई है। इसके चलते गेहूं खरीद के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं दिख रहा है।
शासन ने गेहूं खरीद के लिए 3.90 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए सभी एजेंसियों ने मिलकर जिले में 93 गेहूं खरीद केंद्र खोले थे। लेकिन यहां पर गेहूं लेकर किसान नहीं आ रहे थे जिस पर प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने मोबाइल गेहूं खरीद के आदेश दिए थे। इसके बाद जाकर खरीद में कुछ तेजी आई। इसके बावजूद अब तक करीब 95950 क्विंटल गेहूं की खरीद ही की जा सकी है। लेकिन बीते एक पखवारे से क्रय केंद्रों के साथ ही मोबाइल खरीद भी लगभग बंद हो चुकी है। किसानों का कहना है कि गेहूं का सरकारी मूल्य 2425 रुपये है जबकि व्यापारी घर की चौखट पर ही 2,550 रुपये की कीमत चुका रहा है। इस कारण जिन किसानों के पास थोड़ा बहुत गेहूं बचा भी वह बाजार भाव पर बेचना ज्यादा मुनासिब समझ रहे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि लक्ष्य को हासिल करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है परंतु बढ़े बाजार भाव की वजह से कुछ दिक्कतें जरूर आ रही हैं।