बीती रात हुई बारिश की चपेट में आकर क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। सोमवार को मौके पर पहुंचे कर्मियों ने खामियां छिपाने के लिए उसी तिरपाल से ढक तो दिया लेकिन जमीन के नीचे का जो गेहूं भीग है उसके खराब होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
हरख प्रतिनिधि के अनुसार यह क्रय केंद्र एक ऐसा केंद्र हैं जहां पर पात्रों में वितरित किए जाने के लिए उठाया जाने वाला राशन भी खुले में लगा दिया जाता है। इसके बाद भी इस केंद्र को गेहूं खरीद केंद्र बना दिया गया। अब यहां पर खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे लगा हुआ है। हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार पेचरुवा खरीद केंद्र पर भी गेहूं खुले में लगा होने की वजह से रात में हुई बारिश से भीग गया है।
बीती रात हुई झमाझम बारिश की चपेट में आकर यह गेहूं भीग गया है जिसके खराब होने की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। किसान इस बात का पहले भी विरोध कर चुके हैं लेकिन विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं था। यदि पहले से गंभीरता दिखाई गई होती तो गेहूं को भीगने से बचाया जा सकता था जबकि विभागीय अधिकारी जगह की समस्या बताकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। इस बाबत जिला खाद्य एवं विपणन अधिकरी संतोष द्विवेदी का कहना है कि किसी भी क्रय केंद्र पर गेहूं भीगने की सूचना नहीं है। यदि गेहूं भीगा है तो इसकी जांच कराई जाएगी यदि लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।