बाराबंकी। गरीबों में वितरण के लिए आया चना घुन खा रहे हैं। दिसंबर माह से यह चना जिले के गोदामों में लगा हुआ है लेकिन इसकी उठान नहीं हो रही है। विभागीय लापरवाही और देखरेख के अभाव में यह चना बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। गोदाम में बर्बाद हो रहे चने ने प्रभारियों को भी सकते में डाल दिया है। क्योंकि यदि इस चने का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ तो यह पूरी तरह खराब हो जाएगा।
जिले में अन्त्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों की संख्या करीब छह लाख है। कोरोना काल के दौरान उत्पन्न हालातों को देखते हुए शासन ने सभी कार्डधारकों में अप्रैल से एक किलो चना प्रति कार्ड वितरण कराने का आदेश दिया था। इसके सापेक्ष जिले को करीब छह हजार क्विंटल चने का आवंटन हुआ और अप्रैल से लेकर जून तक नियमित चने का वितरण कराया गया। लेकिन जुलाई में चने का वितरण नहीं किया गया।
सूत्रों की माने तो इस चने को विभाग कोटेदारों के साथ मिलकर हजम करने की तैयारी में था परंतु मामला शासन तक पहुंच जाने की वजह से अधिकारियों ने अगस्त में जुलाई का चना भी कार्डधारकों में बंटवा दिया। नवंबर तक चने का वितरण तो किया गया पर दिसंबर में चने का आवंटन नहीं मिला। जिससे करीब शहाबपुर में 27, सफदरगंज में 2, सूरतगंज में 18, सिरौलीगौसपुर में 4, दरियाबाद में एक, सिद्धौर में 6 समेत अन्य गोदामों में करीब 60 क्विंटल चना डंप पड़ा हैं और इसे अब घुन खा रहे हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जेब से करना पड़ा था चीनी का भुगतान
गोदाम प्रभारियों का कहना है कि जिस समय चीनी का वितरण बंद किया गया था उस दौरान गोदामों पर चीनी भी कुछ मात्रा में शेष रह गई थी। लेकिन कई महीनों तक इसका निस्तारण न होने की वजह से चीनी गोदामों पर ही रखे-रखे खराब हो गई और इसका पैैसा हम लोगों को अपनी जेब से भरना पड़ा था।
इसी प्रकार गोदामों में रखा चना भी हम लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। उठान न होने से इसमें घुन लग गया है और यह धीरे-धीरे बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है। यदि इसका जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो जैसे हम लोगों को चीनी का पैसा अपनी जेब से भरना पड़ा था उसी प्रकार चने का भी पैसा अपनी जेब से भरना पड़ेगा। लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिले के अलग-अलग गोदामों में करीब 60 क्विंटल चना मौजूद है। चना सुरक्षित रहे इसके लिए नियमित कीटनाशक आदि का छिड़काव कराया जाता है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगे गए हैं। शासन से जैसा आदेश मिलेगा उसी आधार पर कार्य किया जाएगा।
-संतोष कुमार द्विवेदी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
कार्डधारकों में चने का वितरण सिर्फ नवंबर तक ही किया जाना था। इसका वितरण कार्डधारकों में करा दिया गया है। गोदामों तथा कोटेदारों के पास कुछ मात्रा में चना अवशेष होने की जानकारी है। इसके लिए शासन से निर्देश मांगें गए हैं।
-संतोष विक्रम शाही, जिला आपूर्ति अधिकारी