कोटवाधाम(बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के गन्ना किसानों से खरीद के लिए केंद्र तो बना दिए गए हैं, लेकिन यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है। कहीं केंद्रों पर कांटा-बांट नहीं पहुंचा तो कहीं कर्मचारी व मजदूर नहीं पहुंचे। ऐसे में पहले दिन कई केंद्रों पर बोहनी तक नहीं हो पाई है।
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में गन्ने की पैदावार अधिक है। इस बार बाढ़ न आने से गन्ने की फसल अच्छी है और किसान अपनी फसल से अच्छी आय की उम्मीद लगाए हुए हैं। अयोध्या के रौजा गांव स्थित बलरामपुर चीनी मिल ने बुधवार से गन्ना खरीद करने की घोषणा की थी। इसके लिए क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन अभी यहां खरीद को लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कराई गई हैं।
कोटवाधाम गन्ना केंद्र पर दोपहर एक बजे तक तौल लिपिक नहीं पहुंचे थे। यहां किसान शाम तक इंतजार करते रहे। बरौलिया क्रय केंद्र पर दोपहर 1:40 तक न कांटा-बांट पहुंचा और न हीं केंद्र प्रभारी या अन्य कोई कर्मचारी। अमराकटेहरा गन्ना क्रय पर दो बजे के बाद तौल शुरू हुई और एक ट्राॅली तौली गई है। शेखपुर टूटरु में पहले दिन कोई तौल नहीं हो पाई। मरौचा गन्ना सेंटर पर कांटा बांट के अलावा कंप्यूटरीकृत कांटा और लिपिक मौजूद नहीं मिले। सनावा गिदरापुर में भी सन्नाटा पसरा रहा।
समय से नहीं मिल रही पर्ची
किसान रामतेज, नान्हू, दीपचंद्र, शिवकुमार, उमेश यादव, संजय यादव ने बताया कि चीनी मिल की ओर से समय से पर्ची नहीं मिल पा रही है। शुरुआती समय में पर्ची न मिलने से दिक्कत हो रही है। अगर सट्टा के हिसाब से पर्ची नहीं आई तो इस बार दिक्कत होगी।
वर्जन
पहले दिन रहीं दिक्कतें
पहले दिन कुछ दिक्कतें हो रही है। कुछ दिन बीतने के बाद पूरी सक्रियता के साथ तौल की जाएगी। सभी किसानों को रकबा के हिसाब से पर्ची दी जाएंगी।
- त्रिलोकीनाथ तिवारी, सहायक गन्ना प्रबंधक