पापा ने सुबह के समय घर से निकलते समय कहा था कि चुनाव का समय है रात में घर लौटते समय देर हो जाएगी लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था, तभी तो हमारे पापा हमेशा के लिए हमसे दूर चले गए। पोस्टमार्टम हाउस में मृत रामपूजन की बेसुध बड़ी बेटी चिंकी के मुंह से बस यही निकल रहा था। इसी हादसे में मरने वाले उदयराज के परिवारीजनों का भी यही हाल था।
मसौली के सहावपुर में सड़क हादसे का शिकार हुए रामपूजन वर्मा बहुत ही मिलनसार थे। वह जिला पंचायत में कार्य अधिकारी के पद पर तैनात थे। मलू रूप से सर्दिलपुर गांव थाना सम्मनपुर जिला अंबेडकरनगर के रहने वाले थे। वर्तमान में सेक्टर 11 इंदिरा नगर, लखनऊ में पत्नी और दो बेटियों के साथ रह रहे थे।
हादसे की सूचना मिलने पर रामपूजन वर्मा की बड़ी बेटी चिंकी अपनी मां, छोटी बहन और रिश्तेदारों के साथ बदहवास हालत में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दोनों बेटियां रह-रहकर रोते हुए बस अपने पापा को ही तलाश रही थीं। इसके अलावा अन्य परिवारीजनों की हालत भी बदहवासों जैसी थी।
हादसे में घायल हुए जल निगम में जेई के पद तैनात लखनऊ निवासी आशीष त्रिवेदी ने बताया कि वह ललितादित्य से मंगलवार की सुबह पॉलेटेक्निक चौराहे के पास मिले थे। अन्य घायल संजय चौधरी ने कहा कि यहां पर ललितादित्य उदयराज के साथ अपनी कार से पहुंचे थे उसके बाद तीन लोग यहां आए और हम सब कार पर सवार होकर निकले थे। सबकी ड्यूटी भी रामनगर में सहायक निर्वाचन अधिकारी के पद पर लगाई गई थी।
ललितादित्य की कार से सभी पांचों अधिकारी मंगलवार को लखनऊ से रामनगर जाने के लिए निकले थे। संजय ने कहा कि कार के सामने एक साइकिल सवार आ गया था जिसे बचाने का प्रयास किया गया तो सड़क पर पड़े बोल्डर में कार फंस गई और बगल में जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली में टकराने के बाद सड़क किनारे जाकर पलट गई। इसी के बाद ट्रैक्टर व ट्रॉली भी पलट गई। संजय ने कहा कि यदि सड़क पर गिट्टी के बड़े-बड़े रोड़े न पड़े होते तो शायद यह हादसा न होता। कहा, सुबह के समय हंसी ठिठोली करते निकले हम सभी लोगों को यह नहीं पता था कि इसमें कई साथी आज के बाद कभी नहीं मिल सकेंगे।