बाराबंकी। बारिश से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। रविवार को सुबह बूंदाबांदी के बाद दिन में कई बार रुक-रुककर बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आने से जहां ठंड बढ़ गई है, वहीं आलू और सरसों की फसल को नुकसान की बात कही जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं सड़कों पर कीचड़ हो जाने से लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जिले में करीब 53,918 हेक्टेयर पर किसानों द्वारा सरसों तथा 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की फसल बोई गई है। रविवार को हुई बारिश से सरसों और आलू की फसल को नुकसान की बात कहीं जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिस सरसों में फली आ गई हैं, उसे तो नुकसान नहीं होगा, परंतु जिस सरसों में फूल हैं, बारिश से फूल गिर जाने से उत्पादन पर असर पड़ेगा।
वहीं, आलू के खेत में यदि पानी भर गया है तो फसल को नुकसान होगा और रोग लगने की संभावना ज्यादा है। इसलिए किसान खेत में पानी न रुकने दें। लेकिन इस बारिश से सबसे ज्यादा लाभ गेहूं की फसल को हुआ है। इससे गेहूं के पौधों का विकास होगा और उत्पादन भी बेहतर होगा, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है। वहीं पूरे दिन रुक-रुककर हुई बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश होने के दौरान बाहर निकले तमाम लोग भीग गए। ठंड बढ़ जाने से ज्यादातर लोग अपने घरों में ही कैद रहे। बारिश के मार्गों पर कीचड़ हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में भी दिक्कतें हुईं।
सेहत के प्रति रहें सचेत
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत के प्रति सचेत रहना चाहिए। ऐसे में बरती गई जरा सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
फसलों को बचाने के लिए कीटनाशक का करें छिड़काव
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि अधिक बारिश वाली जगह पर पहले सींचे गए गेहूं की पत्तियां पीली पड़ जाएंगी। किसान खेत में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करें। मौसम खुलने पर सरसों में माहू रोग लग सकता है। आलू की फसल में पिछेती झुलसा की संभावना बढ़ेगी। अरहर, चना मसूर में फूल से फली की अवस्था में फली भेदक से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। सब्जियों में लौकी, कद्दू, शिमला मिर्च, टमाटर, बैगन, लोभिया आदि फसलों को पाला से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
कब रहा कितना तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
27-01-24 18 6
28-01-24 15 6
29-01-24 19 7
30-01-24 23.4 09.2
31-1-24 26 10
01-02-24 22 12
02-02-24 24 10
03-02-24 25.3 8.8
फसल से निकाल दें पानी
बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान है। फूल वाली सरसों तथा आलू के लिए नुकसानदायक है। हालांकि इतना पानी नहीं गिरा है कि फसलों को नुकसान हो, फिर भी यदि आलू के खेतों में पानी रुक गया है तो उसे निकाल दें, जिससे आलू की फसल खराब न हो।
- श्रवण कुमार, उपनिदेशक कृषि