बाराबंकी। भीषण उमस झेलने के बाद मंगलवार को रिमझिम बारिश से मौसम खुशगवार हो गया है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है और युवाओं व बच्चों ने बारिश में भीगकर मौसम का खूब लुत्फ उठाया। वहीं धान समेत अन्य फसलों के लिए बारिश वरदान बनकर आई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि शहर से लेकर कस्बों व गांवों में जलभराव की समस्या एक बार फिर उभर आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे के दौरान बारिश का मौसम बना रहेगा।
हाईवे से लेकर गली-मोहल्लों में भरा पानी
शहर में बारिश के बाद जलभराव से आमजन परेशान हुए। अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर नाका चौराहा, पल्हरी चौराहा, विशाल मेगामार्ट के निकट जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं हाईवे किनारे गैस कंपनी द्वारा पाइप लाइन बिछाने के कारण कीचड़ व जलभराव से पैदल राहगीर परेशान हुए। विकास भवन जाने वाले मार्ग, रसूलपुर, रेलवे स्टेशन के सामने भरे पानी ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सीमा विस्तार में शामिल हुए मोहल्लों के कच्चे रास्ते दलदल में तब्दील हो गए हैं। सत्यप्रेमी नगर समेत तमाम वार्डों में खाली प्लाट तालाब बन गए हैं। वहीं फतेहपुर तहसील परिसर, रामसनेहीघाट, कुर्सी, निंदूरा, जैदपुर समेत पूरे जनपद में जलभराव की समस्या से लोग रूबरू हुए।
अरहर, तिल व सब्जी के खेतों में न भरने दें पानी
हैदरगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र हैदरगढ़ के अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेश सिंह ने बताया कि बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। धान की फसल के लिए प्रत्येक दृष्टि से लाभकारी है। धान में किल्ले निकलने का समय है। पानी मिलने से बढ़वार अधिक होगी। जिन किसानों ने यूरिया की टाप ड्रेसिंग पहले कर दी है, उनको बहुत लाभ होगा। जिन्होंने नहीं की है, वह तत्काल कर दें। मेड़ पर अरहर बोने वाले किसानों को बहुत अधिक लाभ होगा। वहीं अरहर व तिल के खेतों में पानी न रुकनें दें। सब्जियों में भिंडी, लोबिया अन्य में खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था रखें।