बाराबंकी। रात में हुई बारिश से शहरी व ग्रामीण इलाकों में जगह जगह जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहरी इलाकों में जल निकासी के बेहतर दावे भी कागजी साबित हुए। हाईवे से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों पर जलभराव के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लगे। उधर, बारिश के कारण मंगलवार को भोर में बड़ेल चौराहा स्थित एक पुराना पेड़ किराना दुकान की टिनशेड पर गिर गया। दुकान बंद होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
मौसम विभाग का कहना है कि रात से लेकर सुबह दस बजे तक जिले में औसतन करीब 47 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। सबसे ज्यादा बारिश फतेहपुर में 76 मिमी, सदर तहसील नवाबगंज में 55 मिमी, रामसनेहीघाट में 44 मिमी, हैदरगढ़ में 20, रामनगर में 22 और सिरौलीगौसपुर में 65 मिमी रिकार्ड हुई। बारिश से तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि आर्द्रता 90 प्रतिशत रही। हालांकि सुबह दस बजे थमी बारिश के बाद निकली धूप ने फिर गर्मी व उमस बढ़ा दी।
रात पर रुक-रुक कर हुई बारिश से लखपेडाबाग, आनंद विहार, बालविहार, बड़ेल, फतहाबाद, महर्षि नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाल विहार में सड़क पर भरे पानी में कई वाहनों के बंद हो जाने से दोहरी परेशानी हुई। लखपेडाबाग में रामसेवक स्कूल से एक लाॅन तक नाला बना दिए जाने कारण सड़क खोद दिया गया है जिससे चार पहिया तो दूर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल होता दिखा। ईओ संजय शुक्ला ने जलभराव की समस्या का समाधान शीघ्रकराने का भरोसा दिलाया।
खेतों में गिरी धान की फसल से नुकसान
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बारिश से पिछड़े धान की फसल के अलावा गन्ना व अन्य फसलों को लाभ मिलने की बात कही जा रही हैं। वहीं अधपकी फसल के खेतों में गिर जाने से नुकसान का अंदेशा भी जताया जा रहा है। सिरौलीगौसपुर तहसील व दरियाबाद क्षेत्र में अनेको किसानों की फसल बारिश और हवा के कारण खेत में गिर गई है और वह पानी मे डूब रही है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। दरियाबाद क्षेत्र के भुंइदेपुर गांव में ज्यादा धान की फसल गिरने से किसान परेशान हैं।