रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। कल्याणी नदी का पानी धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन बाढ़ की चपेट में आए गांवों में संकट बरकरार है। लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं।
कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने से पिपरिहा, खेवराजपुर, शुक्लनपुरवा, वृंदावन, हथौंधा, सहादरगंज, ठाकुरपुर, हुसेपुर, तासीपुर, लालपुर, राजपुर, असेना, गोडियनपुरवा समेत करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाने से आवागमन बंद हो गया था। शनिवार को नदी के जलस्तर में मामूली कमी आई है। इसके बाद भी गांव और खेतों में नदी का पानी भरा हुआ है।
गांव को आने-जाने वाले मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की समस्या बरकरार हैं और लोगों की दुश्वारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसके साथ ही इन गांवों में संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बढ़ा हुआ है। तहसीलदार शरद सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटा है। फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। बचाव राहत कार्य जारी है।
पांचवें दिन भी बंद रहा कोटवाधाम मार्ग
कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटवाधाम से कोटवासड़क मार्ग पर हथौधा के पास बने पुल के धंसने की आशंका से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। शनिवार को जलस्तर भले ही कम हुआ हो, लेकिन मार्ग पर आवागमन बहाल नहीं किया गया है। पुल से पैदल आने-जाने वालों को राहत दी गई। बड़े वाहनों के गुजरने पर अभी रोक है।