बाराबंकी/कोटवाधाम। लगातार हो रही बारिश और नेपाल से आए करीब दो लाख क्यूसेक पानी के बाद सरयू नदी उफान पर है। बुधवार शाम नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर से मात्र तीन सेमी दूर रह गया है। रात में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई गई है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पिछले करीब 15 दिनों से सरयू का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने का सबसे अधिक असर सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तटबंध के अंदर बसे गांवों पर पड़ रहा है। सनावा, टेपरा और कहारनपुर गांवों के पास नदी की कटान तेज हो गई है। नदी अब कृषि भूमि के साथ-साथ किनारे खड़े पेड़ों को भी अपने आगोश में ले रही है।
कटान के डर से कई दिनों से खाली पड़े सनावा गांव की कृष्णावती के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है। बुधवार को एसडीएम अनिल कुमार ने बाढ़ प्रभावित और कटान वाले गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की।
वहीं, पूर्व में बाढ़ का पानी भरने वाले गांवों के लोगों ने रानीमऊ-अलीपुर तटबंध पर शरण लेने के लिए जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि नेपाल के बैराजों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण सरयू का जलस्तर बढ़ा है।