बाराबंकी। जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो पा रही हैं। इसका खामियाजा इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को भी ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीज कतारों में लगने के लिए भटकते दिखाई दिए। इलाज के लिए घंटों फर्श पर बैठने के बाद भी जब नंबर नहीं आया तो कई बिना इलाज के ही वापस लौट गए।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को इलाज कराने के लिए 1,568 मरीज पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने के कारण मरीजों को घंटों अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। ओपीडी कक्ष के बाहर फर्श पर बैठी सुमन ने बताया कि वह सुबह आठ बजे अपने बेटे आर्यन को दिखाने के लिए आ गई थीं। टोकन और पर्चा तो बन गया अब डॉक्टर को दिखाने के लिए घंटे भर से इंतजार करना पड़ रहा है। यशोदा ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बैठी हैं, लेकिन एक बजे तक उनका नंबर नहीं आया तो बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
गोपाल ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है, वह 10 बजे आ गया था लेकिन एक बजे तक लाइन में लगने के बाद भी उन्हें इलाज नहीं मिल सका। बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं मौजूदा समय में जुकाम, बुखार के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। सभी को इलाज मिले इसका पूरा प्रयास किया जाता है।
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जांच के लिए कल आना, कहकर लौटाए मरीज
डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच कराने पैथाेलॉजी पहुंचे मरीजों को कल आने की बात कहकर कर्मचारियों ने लाैटा दिया। गुड्डू, कौशल किशाेर, गरिमा ने बताया कि बुखार आने पर डॉक्टर द्वारा लिखी जांच के लिए जब पैथाेलॉजी पहुंचे तो उन्हें समय समाप्त होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
रेडियोलाजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन बनी शोपीस
रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। रामसनेहीघाट सीएचसी में एक माह पहले अल्ट्रासाउंड मशीन आ गई थी, लेकिन उसे संचालित करने के लिए रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में मशीन शोपीस बनी हुई है। खासकर गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जाकर मोटी रकम अदा कर जांच करानी पड़ रही है।
हर रोज ओपीडी आने वाली 100 से अधिक गर्भवतियों को जांच कराने के लिए निजी पैथोलॉजी में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अक्सर निजी केंद्रों की जांच रिपोर्ट पर सवाल भी उठते हैं। राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा के प्रयास से अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध तो हो गई, लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। अधीक्षक डॉ. अमरेश वर्मा ने बताया कि डॉ. निधि गुप्ता का स्थानांतरण सीएचसी टिकैतनगर से रामसनेहीघाट हुआ है। उनके आने के बाद अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच शुरू करा दी जाएगी।