बाराबंकी। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से प्रदेश के राजकीय आवासीय गृहों और संप्रेक्षण गृहों के बच्चों को पूरी तरह से महफूज बनाने को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव ने मंगलवार की शाम अचानक जिले के राजकीय संप्रेक्षण गृह पहुंचीं। मगर जिला प्रशासन के साथ विभागीय अधिकारियों को भी उनके आने की भनक तक नहीं लग सकी।
प्रदेश में महिला कल्याण विभाग द्वारा निराश्रित महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित राजकीय आवासीय गृहों व संस्थाओं में संवासियों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवासन, पुनर्वासन आदि की व्यवस्था की गई है। इसी को लेकर मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी) का जायजा लिया और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के इससे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। वह करीब आधे घंटे यहां रुक कर किशोरियों से अकेले में बातचीत भी की। जिला महिला कल्याण अधिकारी अनिल मौर्या ने इसकी पुष्टि की। (संवाद)