चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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नामांकन के समय रिटर्निंग अफसरों द्वारा प्रपत्रों की जांच करने में बरती गई लापरवाही एक प्रधान को भारी पड़ गई। विपक्षी ने इस मामले में एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को जांच में उसकी उम्र 17 वर्ष पाए जाने पर प्रधानी पद को निरस्त करने के साथ ही दोबारा चुनाव कराए जाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा है।
मालूम हो कि विकास खंड फतेहपुर में वर्ष 2015 में हुए पंचायत स्तरीय चुनाव में ग्राम पंचायत संदूपुर से प्रधान चुने गए आशीष कुमार पुत्र गौरीशंकर चुनाव के समय नाबालिग था। उसने नामांकन के समय हाईस्कूल की मार्कशीट लगाई थी उसमें उसकी उम्र महज 17 वर्ष ही थी।
मामले की जानकारी होने पर इसी ग्राम पंचायत के गांव डड़ियामऊ निवासी हरिवंश पुत्र शुभकरन ने मामले की जांच कराए जाने के लिए रिटर्निंग अफसर से मांग की थी। लेकिन इस ओर चुनाव अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया और चुनाव करा दिया गया।
चुनाव में आशीष ने जीत दर्ज कर प्रधानी का वोहदा भी हासिल कर ली। बाद में शिकायतकर्ता ने एसडीएम फतेहपुर की न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी। जिसमें याची का आरोप था कि प्रधान आशीष कुमार अवयस्क है तथा प्रधान पद पर चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित आयु 21 वर्ष होनी चाहिए लेकिन उसकी उम्र 17 वर्ष ही है।
साक्ष्य के लिए वादी ने कोर्ट में प्रधान आशीष कुमार की मार्क्सशीट प्रस्तुत की जिसमें उसकी जन्म तिथि 12 जुलाई 1998 अंकित है। सोमवार को सुनवाई के दौरान एसडीएम सुनील कुमार वर्मा ने मामला सही पाते हुए ग्राम प्रधान का पद को निरस्त कर दोबारा चुनाव कराए जाने के लिए डीएम, सीडीओ व जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा है।
ग्राम पंचायत संदूपुर के प्रधान की चुनाव के समय उम्र कम पाए जाने आदि की जानकारी नहीं है और न ही उनके पास कोई पत्र आया है। शासन से इस संबंध में कोई आदेश भी नहीं मिले है। जो आदेश मिलेगा उसका अनुपालन कराया जाएगा। -हिमांशु शेखर ठाकुर, जिला पंचायत राज अधिकारी