बाराबंकी। पहले पंजीकरण फिर टीकाकरण को लेकर लागू की गई नई व्यवस्था केंद्रों पर पहले दिन ही धड़ाम हो गई। पंजीकरण न हो पाने की वजह से ज्यादातर केंद्रों पर टीकाकरण के लिए आए लोग निराश होकर वापस लौट गए। वहीं कई लोग पंजीकरण कराने के लिए मोबाइल पर जूझते रहे लेकिन साइट न चलने के कारण इनका पंजीकरण नहीं हो सका। जिससे सोमवार के दिन टीकाकरण की रफ्तार अन्य दिनों की अपेक्षा काफी धीमी रही। लेकिन जिम्मेदार इसे शासन का आदेश बता हाथ खड़े करते रहे।
कोरोना का टीका लगवाने के लिए शासन के आदेश पर नई व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत पहले पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद चार नंबर का जो कोड मिलेगा उसे दिखाने के बाद ही टीका लगेगा। लेकिन व्यवस्था के पहले दिन ही टीकाकरण केंद्रों पर सन्नाटा दिखाई दिया। उदाहरण के तौर पर जिला अस्पताल में जहां प्रतिदिन तीन से चार सौ टीके लगते थे वहीं सोमवार के दिन महज 150 लोगों को ही टीके लगाए गए। इनमें सौ वे लोग थे जिन्हें टीके की दूसरी डोज दी गई।
इस तरह से महज 50 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी। जिला अस्पताल में बने टीकाकरण केंद्र पर सोमवार को पूरी तरह सन्नाटा रहा। पंजीकरण कक्ष से लेकर वैक्सीनेशन कक्ष तक सन्नाटा छाया रहा। यहां पर मौजूद कर्मचारी लोगों का इंतजार करते रहे। कर्मचारी भी दबी जुबान से इस बात को कह रहे थे कि नई व्यवस्था से टीकाकरण का कार्य बुरी तरह से प्रभावित होगा। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं टीकाकरण का सबसे ज्यादा कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित रहा जहां पर पंजीकरण न होने के कारण सैकड़ों लोग बिना वैक्सीन लगवाए ही वापस लौट गए।
जब पंजीकरण नहीं होगा तो कैसे लगेगा टीका
टीकाकरण के लिए आए रसूलपुर निवासी देवीदयाल ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि बिना पंजीकरण के टीका नहीं लगेगा। लखपेड़ाबाग के विशंभर ने बताया कि पंजीकरण कैसे होगा जब साइट ही नहीं चल रही है। जब से जानकारी मिली है तब से पंजीकरण के लिए प्रयासरत हूं लेकिन मोबाइल के जरिए पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। पंजीकरण के लिए आए लोगों का कहना है कि महामारी के दौर में अब सरकार ही नहीं चाहती है कि हम लोगों को टीके लगाए जाएं तभी तो ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसके तहत टीका लगवाना अब आसान नहीं रह गया है।
शासन ने कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों के लिए पहले पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जिसका सभी केंद्रों पर पूरी तरह से अनुपालन कराया जा रहा है। लोगों से भी अपील की जाती है कि वह पहले अपना पंजीकरण कराएं। इसके बाद ही केंद्र पर टीकाकरण के लिए आएं जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
-डॉ. राजीव सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी