कस्बा सतरिख स्थित सैयद सालार साहू गाजी की दरगाह पर लगने वाला पारंपरिक मेला इस वर्ष भी नहीं लगेगा। प्रशासन ने आयोजन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है, जिसके बाद मेला कमेटी ने आधिकारिक रूप से मेला न होने की घोषणा करते हुए वीडियो जारी किया है। इसके साथ ही एहतियान पुलिस ने परिसर की निगरानी बढ़ा दी है। पिछले साल पहली बार मेला स्थगित किया गया था।
बहराइच स्थित दरगाह सैयद सालार साहू गाजी के बेटे की है। पिछले वर्ष 2025 में 14 से 17 मई तक प्रस्तावित मेले पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। इस बार भी मेला कमेटी ने छह से 10 मई तक आयोजन की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति देने से मना कर दिया।
पिछले साल कुछ अधिवक्ताओं और एक हिंदू संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर एतिहासिक तथ्यों के आधार पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह मजार सैयद सालार साहू गाजी की है, जिन्हें महमूद गजनवी का सेनापति बताया जाता है। साथ ही महाराजा सुहेलदेव के साथ जुड़े एतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया गया। लोगों ने कहा था कि इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है।