बाराबंकी के असंद्रा थाना इलाके में बच्चों के गंदे वीडियो का मामला सामने आया है। गुमशुदा एवं शोषित बच्चों के लिए राष्ट्रीय केंद्र (एनसीएमईसी) की टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर साइबर सेल ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला कि वह पति को गंदे वीडियो भेजती थी।
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साइबर सेल के अनुसार, असंद्रा इलाके में रहने वाले युवक के नाम से चल रहे सिम के माध्यम से गंदे वीडियो को अपलोड और शेयर किया गया। पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो उसने बताया कि सात वर्ष से उसका सिम विवाहित बहन इस्तेमाल कर रही है।
पुलिस ने बहन से संपर्क किया। उसने बताया कि पति को मैसेजर के माध्यम से वीडियो शेयर किया है। इस पर इंस्पेक्टर विनय प्रकाश राय की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गंदी सामग्री हटवा दी गई है। आरोपी महिला को चेताया गया है।
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चार मामले, तीन में चार्जशीट
अमेरिकी संस्था एनसीएमईसी शोषित बच्चों के लिए काम करती है। जनवरी से जुलाई 2025 तक संस्था ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को चार ऐसे वीडियो भेजे, जिनमें बच्चों से जुड़ी यौन सामग्री है। इसे टिप लाइन से प्राप्त वीडियो कहा जाता है।
गृह मंत्रालय ने मामले से यूपी सरकार को अवगत कराया। जांच में चारों वीडियो बाराबंकी से जुड़े मिले। इसी क्रम में दरियाबाद व सतरिख के दो-दो मामले साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराए गए।
इनमें से तीन में पुलिस ने बीते शुक्रवार को अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। इनमें सबसे चर्चित मामला हैदरगढ़ क्षेत्र का रहा, जहां एक युवती छोटे बच्चे का आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मोबाइल के ड्राइव में रखी हुई थी। एक दोस्त से भी इंस्टाग्राम पर साझा करती थी।
वीडियो शेयर करने वालों पर भी होगा मुकदमा
18 वर्ष से कम आयु वाले किशोरों व बच्चों से जुड़ी यौन सामग्री डाउनलोड करके देखना, सुरक्षित रखना व शेयर करना अपराध है। ऐसा करने वाले के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।-विनय प्रकाश राय, प्रभारी, साइबर सेल बाराबंकी
यह है एनसीएमईसी का काम
एनसीएमईसी अमेरिका में बच्चों की गुमशुदगी और उनके यौन शोषण से संबंधित मामलों से निपटने का काम करती है। यह संस्था लापता बच्चों के परिवारों की मदद करती है। बाल यौन शोषण सामग्री के लिए रिपोर्ट प्राप्त करती है और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ काम करती है। भारत में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो इसका सहयोगी है।