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UP: 'बहुत बहादुर थी बेटी महकप्रीत, कहती थी- मैं आईपीएस बनूंगी, लेकिन...', पिता ने उठाए ये सवाल; गुत्थी उलझी

Mon, 05 Jan 2026 03:41 PM IST
शाहरुख खान श्रुतिमान शुक्ल, संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी

सार

बाराबंकी की नहर में सीतापुर से लापता छात्रा का शव मिला। पहचान होने के बाद घरवाले रो-रोकर बेहाल उठे। परिजनों ने एक युवक की प्रताड़ना से तंग आकर बेटी के आत्महत्या करने की बात कही। 
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Mahakpreet Kaur Death Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बेटी महकप्रीत बहुत बहादुर थी...ट्रैक्टर चलाकर खेतों की जुताई करती थी, रोज दौड़ लगाती थी। खुद बाइक से कॉलेज जाती थी। कहती थी कि मैं आईपीएस बनूंगी, लेकिन...यह कहते-कहते पिता सरदार जगदीप सिंह की आवाज भर्रा गई। 
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आंखों में आंसू और जुबां पर तल्खी लिए कहा कि बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। बेटी के दोषियों को सजा दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। फिलहाल महकप्रीत की मौत की उलझी गुत्थी सुलझाने में पुलिस के अभी से पसीने छूटने लगे हैं।

सीतापुर के नेवराजपुर गांव निवासी जगदीप सिंह की बेटी महकप्रीत कौर रोज की तरह 15 दिसंबर को बाइक से शहर स्थित अपने कॉलेज के लिए निकली, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश शुरू की। एक जनवरी को महकप्रीत का शव बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में नहर से मिला।
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शव कई दिनों पुराना होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही थी। तीन दिन तक अज्ञात के रूप में रखे जाने के बाद रविवार को उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी तक हो गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पिता जगदीप सिंह रिश्तेदारों के साथ पहुंच गए। 
 

पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पिता का कहना है कि बेटी ने बाप की इज्जत बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई। हम जान नहीं पाए। छोटी बेटी ने जब बताया कि दीदी को निशांत नाम का युवक परेशान करता था। इसी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। यह सुन पूरा परिवार अवाक रह गया।
 

पिता ने सीतापुर पुलिस पर उठाए सवाल
महकप्रीत कौर की बाइक घर से करीब 12 किमी दूर बरामद हुई थी, जिस नहर में शव मिला वह पानी से भरी है। पिता का उनका आरोप है कि सीतापुर पुलिस ने अपनी सीमा में औपचारिक तलाश तो की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 16 दिसंबर को बाइक मिलने के बाद 17 दिसंबर को पुलिस एक युवक को पकड़कर लाई। पूछताछ में दूसरे युवक का नाम भी सामने आया, लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।
 

पुलिस को अब मोबाइल फोन का सहारा
सूत्रों के अनुसार आरोपी युवक से अब पुलिस नए सिरे से छात्रा के बारे में पूछताछ करेगी। जांच में महकप्रीत के परिजनों को भी शामिल किया जाएगा। इसमें महकप्रीत के फोन से अहम साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं। आरोपी युवक और छात्रा के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे।

सुसाइड नोट का मजमून, बस अब रब का सहारा है...
बिसवां निवासी महकप्रीत कौर के बैग से मिले सुसाइड नोट में लिखा गया है... पापा मुझे नहीं पता कि मैंने क्या बुरा किया है किसी का, पर आज आखिरी बार आपसे माफी मांगती हूं। प्लीज मुझे माफ कर देना। आज के बाद तुम्हारे सपने में भी नहीं आऊंगी। लव यू डैड। बातें तो बहुत सारी करनी थीं, पर अब समय खत्म हो गया है। डैड मैं किसी वजह से नहीं बस अपनी गलतियों के साथ जा रही हूं। बस अब रब का सहारा है।
 

इन सवालों के जवाब भी खोजने होंगे
-क्या किसी ने महकप्रीत को उकसाया या फिर खुद ही उठाया कदम?
-15 दिसंबर को लापता हुई और 16 को उसकी बाइक मिली? 15 को पूरे दिन उसकी गतिविधि क्या रही?
-फोन के लोकेशन के अनुसार वह कहां गई और किससे बात की?
-घटना के समय वह किसके संपर्क में थी? क्या उसके आसपास कोई दूसरा फोन भी एक्टिव रहा?
 

सुसाइड नोट की भी होगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार सुसाइड नोट की भी राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं किसी दूसरे ने तो नहीं घटना के बाद महकप्रीत के बैग में सुसाइड नोट लिखकर डाल दिया हो। किसी की मंशा जांच को और घटना को भटकाने की तो नहीं है।

 
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15 दिसंबर को छात्रा के लापता होने के बाद नहर पटरी पर मिले बैग से सुसाइड नोट प्राप्त हुआ था। इसमें उसने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए कभी नहीं लौटने का जिक्र किया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। अभी आरोप वाली तहरीर नहीं मिली है।-अमन सिंह, सीओ बिसवां
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