विधायक डॉ. पल्लवी पटेल
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अपना दल (कमेरावादी) की नेता व सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि संविधान ने सभी को वोट की ताकत दी है, इसलिए पहले सामाजिक, फिर आर्थिक और उसके बाद राजनीतिक न्याय की लड़ाई लड़नी होगी। वह रविवार को दरियाबाद में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जबकि अन्य मुद्दों पर तुरंत चर्चा होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब समाज के युवाओं पर अत्याचार होते हैं, तब उनकी आवाज दबा दी जाती है। डॉ. पटेल ने कहा कि देश का मेहनतकश समाज सीमाओं की रक्षा से लेकर विकास तक हर क्षेत्र में योगदान देता है, लेकिन अधिकार मांगने पर उसे लाठियां मिलती हैं। युवाओं से संयम के साथ संघर्ष करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार देने के वादे पूरे नहीं हुए, नोटबंदी और कोरोना लॉक डाउन से आम जनता को भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के आदेश का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जागरूक नहीं हुआ तो उसके अधिकार लगातार कमजोर होते जाएंगे। सम्मेलन में हाफिज मोबीन, सीएल पटेल, उपेंद्र पटेल, बाबादीन रावत रमेश चंद्र वर्मा और लवकेश समेत दर्जनों संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।