-बाराबंकी। सोमवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तो सिरौलीगौसपुर के 100 बेड अस्पताल में किट न होने से जांचें ठप रहीं। इससे मरीज निराश होकर वापस लौट गए। कुछ ने निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर पहुंच जांच कराई। मरीजों की भीड़ इतनी ज्यादा रही कि कड़ी मशक्कत के बाद परचा बना और घंटों इंतजार के बाद इलाज हो सका।
जिला अस्पताल में करीब तीन साल से कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। संविदा और प्रशिक्षुओं के सहारे काम चल रहा था। लेकिन प्रशिक्षण पूरा होने के कारण सोमवार का प्रशिक्षु भी नहीं आए जिससे एक भी मरीज का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। इस दौरान रामादेवी, कौशल किशोर, गया प्रसाद, पार्वती समेत करीब 75 से ज्यादा मरीज बिना अल्ट्रासाउंड कराए बिना ही वापस लौट गए।
वहीं एक्सरे कक्ष के बाहर भी मरीजों की लाइन लगी हुई थी। घंटों इंतजार के बाद जाकर मरीजों का एक्सरे हो पा रहा था। राहत अली ने बताया कि एक घंटे के बाद जाकर नंबर आया। ओपीडी में करीब 1852 मरीज देखे गए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज 665 मरीज बुखार पीड़ित रहे। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण पूरा हो गया है इसलिए अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके।