देवा (बाराबंकी)। कोतवाली में शनिवार को थाना समाधान दिवस में नाले को लेकर दो पक्ष डीएम व एसपी के सामने ही भिड़ गए। डीएम ने दोनों पक्षों को ऐसा न करने की हिदायत दी, लेकिन उन्होंने इसे नजरंदाज कर दिया। इससे नाराज डीएम ने दोनों पक्षों को फटकार लगाई तो एसपी के निर्देश पर पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इन पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम सत्येंद्र कुमार व एसपी दिनेश कुमार सिंह देवा कोतवाली में शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान पीरानगर गांव के राम विकास नाला न बनने देने से जलभराव की समस्या को लेकर पेश हुए। इसी के बाद दूसरे पक्ष के रामचरण, महेश, अरविंद ने भी अपना पक्ष रखना शुरू किया। बातों ही बातों में दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। तेज आवाज में बहस करने लगे। जिस पर डीएम, एसपी ने उन्हें शांति से अपनी बात कहने की हिदायत दी। लेकिन दोनों पक्ष इसे अनसुना कर गए। जिस पर नाराज डीएम ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के आदेश पर दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज करने व मामले के निस्तारण करने के आदेश दिए।
इसके अलावा बबुरी गांव में अवैध कब्जे की शिकायत पर पूर्व में जमीन नापने गई राजस्व टीम के साथ महिलाओं द्वारा की गई अभद्रता की शिकायत लेखपाल द्वारा करने पर नाराज एसपी ने मित्तई चौकी प्रभारी को फटकार लगाई। डीएम ने कहा है कि अगर दूसरे पक्ष ने जबरन दीवार तोड़ी है तो मुकदमा भी दर्ज कराएं। इस मौके पर डीएम व एसपी ने चुनाव से संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया और विभिन्न बिंदुओं पर इंस्पेक्टर व पुलिस स्टाफ से बिंदुवार जानकारी भी ली।