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अब भी मुआवजे के इंतजार में दो लाख किसान

Sun, 24 Apr 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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अब कैसे पीले होंगे बिटिया के हाथ ः बाराबंकी में बर्बाद हुई फसल को दिखाते किसान मुलहेराम (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आकर किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने के सदमें को किसान बर्दाश्त नहीं कर सके और आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो गए।
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आए दिन कोई न कोई किसान फांसी लगाकर जान दे रहा था। शासन के आदेश पर फसल नुकसानी का आंकलन कराया गया तो 134 करोड़ 36 लाख रुपये की मांग शासन से की गई। लेकिन इसके सापेक्ष अभी तक महज 41 करोड़ 34 लाख रुपये का वितरण किया जा सका है।

जबकि जिले में किसानों की संख्या 4 लाख 37 हजार के आसपास है लेकिन इनमें से अभी भी करीब दो लाख से अधिक किसान ऐसे हैं जिन्हें फसल नुकसानी का मुआवजा पाने का इंतजार है। फसल नुकसानी का पैसा न मिलने की वजह से किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
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और वह इधर-उधर से कर्ज लेकर परिवार का जीविकोपार्जन कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन का दावा है कि वह मुआवजे की अवशेष धनराशि उपलब्ध कराने को लेकर बराबर शासन को पत्र भेज रहा है और व्यक्तिगत रूप से संपर्क भी कर रहा है लेकिन अभी तक अवशेष पैसा नहीं मिल सका है।

हैदरगढ़ क्षेत्र के निवासी किसान जगप्रसाद बताते हैं कि फसल नुकसानी का मुआवजा आज तक नहीं मिल सका है। किसान तरह से लोगों से कर्ज लेकर आगे की फसल की बोवाई कर परिवार की जीविका चलाई जा रही है। यहीं कि किसान देवेन्द्र विजय का कहना है कि प्रशासन ने फसल नुकसानी का मुआवजा वितरण में भी भेदभाव किया है।

चहेते किसानों का जितना नुकसान नहीं हुआ उससे ज्यादा का मुआवजा दिया गया है। किसान ओमप्रकाश चौहान कहते हैं कि मौसम की मार किसानों का साथ नहीं छोड़ रही है। बेमौसम बारिश गेहूं को ले गई सूखा धान को ले गया और ठंडक न होने की वजह से इस बार भी गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।

किसान द्वारिका प्रसाद पांडेय कहते हैं कि जिला प्रशासन फसल नुकसानी का मुआवजा दिलाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। एक साल पहले फसल बर्बाद हुई थी और मुआवजा आज तक नहीं मिल सका है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिले में पिछले वर्ष करीब 134 करोड़ 36 लाख 76 हजार रुपये की फसल का नुकसान हुआ था। इस पैसे की मांग को लेकर शासन को पत्र भेजा गया था। जिसके सापेक्ष 41 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि मिली है जिसका वितरण करा दिया गया है। जिले मेें करीब 4 लाख 37 हजार 652 किसान हैं इनमें अभी 2 लाख 5 हजार 793 किसानों को फसल नुकसानी का मुआवजा दिया जाना है। - हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी
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