इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दो महिला शिक्षामित्रों के बेहोश हो जाने से अफरातफरी मच गई। उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिले के शिक्षामित्र पांच दिन से नौकरी जाने के खिलाफ आंदोलित हैं। लगातार बीआरसी बड़ेल पर बड़ी संख्या में शिक्षामित्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुरुवार को प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय उधवापुर की शिक्षामित्र बरखा (30) निवासी दशहराबाग और सिरौलीगौसपुर के प्राथमिक विद्यालय बरौलिया की शिक्षामित्र नीलम श्रीवास्तव (32) धरना स्थल पर ही बेहोश होकर गिर गई।
इससे शिक्षामित्रों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद साथियों ने परिवारीजनों को सूचना देने के साथ ही आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
इमरजेंसी के डॉ. राजेश कुमार कुशवाहा के मुताबिक एक शिक्षामित्र कमजोरी की वजह से तथा दूसरी तेजधूप के चलते बेहोश हुई।
बीआसी बड़ल में धरना के दौरान समायोजन बचाओ संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि शिक्षामित्र दोहरी जिम्मेदारी निभाने को तैयार रहे हैं।
उन्हें शुक्रवार से विद्यालय जाना होगा और उसके बाद लौटकर धरना में शामिल होना होगा। क्योंकि धरना तब तक समाप्त नहीं किया जाएगा जब तब शिक्षामित्रों के हक में कोई निर्णय नहीं आ जाता।
कवि एवं शिक्षक डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों के संघर्ष में शिक्षक संघ हमेशा साथ रहा और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ अन्याय हुआ। उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
उधर माध्यमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष नीता अवस्थी भी धरना स्थल पर पहुंची। कहा कि जरूरत पड़ने पर संगठन शिक्षामित्रों के साथ खड़ा दिखेगा।
शिक्षामित्रों ने एक ज्ञापन बीएसए को सौंपा। बताया कि प्रांतीय पदाधिकारियों की शासन स्तर पर हुई वार्ता के बाद संगठन ने यह निर्णय लिया है कि शासन के अग्रिम आदेशों तक सभी शिक्षामित्र समायोजित किए गए विद्यालय में पढ़ाने को जाएंगे।