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रहस्यमय बीमारी से दो बच्चों की मौत

Thu, 13 Aug 2015 10:19 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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रहस्यमय बीमारी की चपेट में आकर दो बच्चों की मौत हो गई। पांच दिनों के अंदर दो बच्चों की मौत से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, मृत बच्चों के परिवारीजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आज तक गांव नहीं पहुंची है।
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जहांगीराबाद क्षेत्र के बन्नी निवासी कमलेश के पांच वर्षीय पुत्र धनंजय की बृहस्पतिवार सुबह रहस्मय बीमारी की चपेट में आकर मौत हो गई। कमलेश का कहना है कि बुधवार शाम अचानक धनंजय का गला रूंध गया और पेट में सूजन आ गई, पेट गुब्बारे की तरह फूल गया।

हालत बिगड़ती देख आनन-फानन में जहांगीराबाद कस्बे में एक निजी चिकित्सक के यहां उपचार के लिए भर्ती कराया था, जहां बृहस्पतिवार की सुबह मौत हो गई। बताया कि करीब पांच दिन पूर्व गांव के ही रामधनी के सात वर्षीय पुत्र अजय को भी इसी प्रकार की बीमारी हो गई थी। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उपचार के लिए उसे बाराबंकी लाए और एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी।
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बताया कि पिछले पांच दिनों के अंदर गांव में दो बच्चों की मौत हो जाने से हड़कंप मचा हुआ है। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई लेकिन आज तक कोई टीम गांव बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए नहीं पहुंची है। बताया कि इस बीमारी के चपेट में आने वाले बच्चों की आठ से दस घंटे के अंदर ही मौत हो जा रही है।

जहांगीराबाद क्षेत्र के बन्नी गांव में पांच दिनों के अंदर दो बच्चों की मौत का मामला सज्ञान में आया है। बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण करने के लिए सीएचसी बडागांव से एक टीम गांव को भेजी गई है। जिन बच्चों की मौत हुई है उनकी किस बीमारी की चपेट में आकर मौत हुई है टीम इसकी भी जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कहा जा सकता है कि बच्चों की मौत किस बीमारी से हुई है।
डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ

डिपथिरिया से हो सकती मौत
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आईके रामचंदानी का कहना है कि जिस तरह के लक्षण परिवारीजन बच्चों में बता रहे हैं। उससे यह बीमारी डिपथिरिया हो सकती है। क्योंकि इसमें बच्चों में गले का संक्रमण हो जाता है और पेट फूलने लगता है, लेकिन इस बीमारी में बच्चों की मौत इतनी जल्दी नहीं होती है। पहले यह एक आम बीमारी थी और बच्चों में ही सबसे ज्यादा होती थी। लेकिन जब से टीकाकरण होने लगा है इस रोग पर काफी हद तक रोक लगी है।

सीएमओ के निर्देश पर बन्नी गांव पहुंचकर मृत बच्चों के परिवारीजनों से बात की गई। परिवारीजनों ने जिस प्रकार की लक्षण बृहस्पतिवार को मृत बच्चे में बताए हैं इस प्रकार के लक्षण टिटनेस की बीमारी में होते हैं। वहीं पांच दिन पूर्व जिस बच्चे की मौत हुई है। उसके परिवारीजनों ने बताया कि रात में वह बच्चे को पेशाब कराने गए थे इसके बाद उसकी मौत हुई। इस बच्चे की मौत संभवत: सांप के काटने से हुई है। मामले की जांच पड़ताल की गई तो गांव कोई भी बच्चा बीमार नहीं पाया गया है पूरी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही है।
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- डॉ. विनोद कुमार दोहरे, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी बड़ागांव
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