हैदरगढ़ (बाराबंकी)। उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम से फर्जी एग्रीमेंट के अभिलेख दिखाकर राइस मिल मालिकों से हुई लाखों रुपये की धोखाधड़ी के दो और मामले सामने आए हैं। चावल हड़पे जाने से परेशान दो मिल मालिकों की तहरीर पर गोदाम प्रभारी, बैंक मैनेजर, व्यवसायी समेत चार लोगों के खिलाफ दो मुकदमे हैदरगढ़ कोतवाली में दर्ज किए गए हैं। इससे पहले एक केस असंद्रा में दर्ज हो चुका है।
अमेठी जिले के थाना शुकुलबाजार क्षेत्र के गांव मवइया रहमतगढ़ निवासी गायत्रेश्वर प्रसाद बाजपेई राइस मिल व्यवसायी हैं। पुलिस से बताया कि बीते साल हरदोई के थाना बेहटा सधई के चुन्नी का पुरवा निवासी रणधीर सिंह राठौर ने संपर्क किया था। वह मेसर्स बाजपेई राइस मिल नाम की फर्म के जरिए व्यवसाय करता है। वर्ष 2022 में हाइफन केमिकल्स एंड फर्टीलाइजर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक रणधीर सिंह राठौर निवासी चुन्नी का पुरवा, बेहटा सधई हरदोई ने संपर्क कर कहा कि हमारा एग्रीमेंट उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के हैदरगढ़ गोदाम से है।
अभिलेख देखने के बाद पांच सौ बोरी में भरा करीब 252 क्विंटल चावल बीती 23 दिसंबर को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के हैदरगढ़ गोदाम पर पहुंचाया था। इस दौरान वहां गोदाम प्रबंधक एके पाल, केनरा बैंक शाखा गोमतीनगर विस्तार लखनऊ के मैनेजर राजकुमार विश्वकर्मा व एक अज्ञात महिला मौजूद रही। चावल का सात लाख 7840 रुपये का भुगतान एक सप्ताह में केनरा बैंक के खाते में करवाने का भरोसा दिया गया, मगर भुगतान नहीं किया।
वहीं, पटेल मिनी राइस मिल बड़वल चौराहा के संचालक दिनेश कुमार वर्मा ने पुलिस को तहरीर देेकर इसी तरह से उन्होंने भी 720 क्विंटल चावल के 20 लाख 16 हजार रुपये हड़पने की शिकायत की। तहरीर में कहा गया कि उस वक्त गोदाम पर चारों आरोपी मौजूद थे। पुलिस ने रणधीर सिंह, गोदाम प्रभारी, बैंक मैनेजर व अज्ञात महिला के विरुद्ध जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धांधली व गबन के तहत दो मुकदमे दर्ज किए है। प्रभारी निरीक्षक अजय त्रिपाठी ने बताया कि जांच की जा रही है।