फतेहपुर (बाराबंकी)। ग्राम तुरकौली में दो सगे भाई भैंस चराने के लिए चौका नदी किनारे गए थे। तभी भैंस नदी के गहरे पानी में उतर गई जिनको निकलने के लिए दोनों भाइयों ने प्रयास शुरू किया। लेकिन दोनों भाई गहरे पानी में चले गए और डूबकर दोनों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अचानक हुए हादसे से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ग्राम तुरकौली निवासी उमेश सिंह के दो पुत्र राज (12) व महेंद्र (14) शुक्रवार की दोपहर घर से भैंस चराने के लिए निकले थे। गांव के पास स्थित चौका नदी किनारे भैंसों को चरा रहे थे। तभी भैंसें नदी में उतर गईं। भैंसों को बाहर निकालने के लिए दोनों भाई भी नदी में उतर गए। इस दौरान दोनों भाई एक साथ गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
काफी देर तक पुत्रों के घर वापस ना आने पर पिता उनकी तलाश में निकला। दोनों पुत्रों के शव नदी के पानी में उतराता हुआ देख पिता चीखने चिल्लाने लगा। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चों के शव को बाहर निकाला। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
हमेशा एक साथ रहते थे दोनों भाई
उमेश सिंह के चार पुत्रों में बड़े पुत्र राकेश का विवाह हो चुका है। जबकि घर पर छोटे पुत्र विन्दर सिंह व पुत्री आरती सिंह, महेंद्र और राज एक साथ रहते थे। मृतक दोनों भाइयों की आपस में बहुत बनती थी। कहीं भी जाना हो दोनों एक साथ ही जाते थे। कुदरत का कहर देखो की दोनों इस जहां को छोड़कर गए तो एक साथ ही गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। उमेश खेती किसानी कर सभी बच्चों की जरूरतों का पूरा करता था। अपने दोनों छोटे बच्चों की अचानक मौत होने से बदहवास हो गया है।