नन्हें मुन्नों को पोलियो से बचाने के लिए रविवार को पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल में बच्चे को ड्रॉप पिला कर अभियान की शुरुआत की। बूथों पर पहुंच कर तमाम लोगों ने अपने बच्चों को पोलिया ड्रॉप पिलवाई। इस दौरान एक लाख 72 हजार बच्चों को खुराक पिलाई गई।
पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को जिले भर में बूथ लगाकर 0-5वर्ष के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। जिले में 1484 बूथों पर 1 लाख 72 हजार 872 बच्चों को दवा पिलाई गई है। 0-5 वर्ष के बच्चों की संख्या के हिसाब से 32 प्रतिशत रही। सीएचसी देवा, जाटा बरौली व शहर के बच्चों में दवा पिलाने में काफी इजाफा हुआ है जिसके चलते यह ग्राफ बढ़ा है। पिछले चरण में यह 31 प्रतिशत थी। बूथों पर सुबह नौ बजे से चार बजे तक पोलियो वायलेंटियर मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सीएचसी बड़ागांव व जाटा बरौली के अंतर्गत आने वाले बूथों का निरीक्षण किया।
आयुक्त के साथ डीआईओ राजीव सिंह व सीएचसी अधीक्षक मौजूद रहे। यह जानकारी सीएमओ रवींद्र कुमार ने दी। इस मौके पर जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। इन्हें रोग मुुक्त रखने की जिम्मेदारी भी हमारी है। इसलिए सभी अपने पांच साल तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर उन्हें इस रोग से बचाए। सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि जनपद में पांच वर्ष आयु तक के कुल 551992 बच्चे हैं। सभी बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाया जा सके, इसके लिए सभी विकास खंडों में 1485 बूथ बनाए गए हैं।
बूथ पर सभी कर्मचारी कार्य कर रहे हैं या नहीं, इसके सर्वेक्षण के लिए 307 पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर कवरेज के लिए 1108 टीमें व 102 ट्रांजिट टीमें लगाई गईं हैं। इनके पर्यवेक्षण के लिए 346 पर्यवेक्षकों को लगाया गया है। इन सभी बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने के लिए 780000 डोज की आवश्यकता है। जिसका भंडारण कर लिया गया है। अभियान के दौरान सीएमओ व अन्य अधिकारियों ने कई बूथों का निरीक्षण किया।
पोलियाे अभियान के शुभारंभ के दौरान सीएमए महिला डॉ. आरसी किशोर, यूनीसेफ की जनपद प्रभारी डॉ. आरती मिश्रा, एसीएमओ डॉ. जेेता सिंह, एसीएमओ डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. आईपी वर्मा, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. डीके श्रीवास्तव, डॉ. हर्षवर्धन पंत, डॉ. एससी धूसिया, डॉ. एके वर्मा, डॉ. केएनएम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।