बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 वर्ष पहले हुए सड़क हादसे के मामले में अदालत ने ट्रक चालक को दोषमुक्त करार दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर कुमार की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वह आरोप सिद्ध करने के लिए ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
यह मामला दो जुलाई 1998 का है। फैजाबाद डिपो की एक रोडवेज बस लखनऊ की ओर आ रही थी। बस में करीब 50 यात्री सवार थे। परिचालक ने बयान दिया था कि रास्ते में बस चालक सलिंदर सिंह ने मना करने के बावजूद नैनीताल निवासी हरभजन सिंह को बस चलाने की अनुमति दे दी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। हादसे में बस चला रहे हरभजन सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कई यात्री घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक के रूप में महेंद्र कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष केवल एक गवाह ही पेश कर सका। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को नौ अक्तूबर 2025 को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम तौर पर अवसर दिया था। सोमवार को मामले की सुनवाई पूर्ण करते हुए कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य व गवाही के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी ट्रक चालक को बरी कर दिया।