जिला अस्पताल में नाराजगी जताते ब्लाॅक प्रमुख धर्मेंद्र यादव व मौजूद पुलिस। -संवाद
बाराबंकी। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भवन में शनिवार रात सड़क हादसे में घायल युवक को उचित इलाज समय से नहीं मिला। लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां उसकी मौत हो गई।
थाना कोठी के ग्राम भानमऊ निवासी दिलीप कुमार ब्लॉक प्रमुख देवा के शीतगृह में चौकीदार हैं। दिलीप के भाई राम कैलाश (40) अपने बहनोई रामफेरन के साथ कहीं गए थे। शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे अज्ञात वाहन ने कोठी क्षेत्र में रामदीन पुरवा के पास राम कैलाश की बाइक में टक्कर मार दी। राम कैलाश गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि राम फेरन को मामूली चोट आई।
राम कैलाश को जब जिला चिकित्सालय से लखनऊ रेफर किया गया तो भाजपा नेता व ब्लॉक प्रमुख देवा धमेंद्र यादव पहुंच गए और अस्पताल में ही एक्सरे कराने के लिए सीएमएस डॉ. वीपी सिंह को फोन कर बुलाया। सीएमएस ने स्वयं आने के बजाय हंगामे की आशंका में पुलिस को भेज दिया। ऐसे में रात साढ़े 12 बजे के बाद युवक को लखनऊ ले जाया गया जहां मौत हो गई।
ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि जिला अस्पताल में ही एक्सरे तुरंत करके उचित इलाज किया जाता तो राम कैलाश की जान बच सकती थी। वह उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से इसकी शिकायत करेंगे।
ट्रॉमा जैसी सुविधाएं नहीं
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल राम कैलाश की पसलियां टूटी थीं जिसे देखते ही लखनऊ रेफर कर दिया गया लेकिन ब्लाॅक प्रमुख उसे ले जाने के बजाय एक्सरे कराने पर अड़े रहे। ट्रॉमा सेंटर का सिर्फ भवन है, वहां ट्रॉमा जैसी सुविधाएं नहीं हैं। इसलिए गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
-डॉ. वीपी सिंह, सीएमएस