रेलवे विभाग की लापरवाही ट्रेन यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। गोंडा-लखनऊ रेलवे पर टूटे पड़े स्लीपर करीब सौ से अधिक यात्री व मालगाड़ियां 24 घंटे में गुजर रही हैं। जबकि विभाग का दावा है कि नियमित ट्रैक का निरीक्षण किया जाता है।
बुढ़वल रेलवे स्टेशन के निकट साधारणपुर गांव से गुजरी रेलवे पटरी पर कई दिनों से टूटे स्लीपर किसी बड़े हादसे का साफ संकेत दे रहे हैं। कुछ माह पहले कानपुर के आगे हुए रेल हादसों में कई यात्रियों की जानें चली गईं थीं। कई घायल भी हुए थे।
दोनों ही घटनाओं को रेलवे ने गंभीरता से लिया था और रेलवे ट्रैकों की निगरानी बढ़ाए जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद अभी रेलपथ अधिकारी नहीं चेत रहे। गोंडा-लखनऊ रेल खंड यात्रियों के लिए जानलेवा बना हुआ है।
इस रूट पर बुढवल रेलवे स्टेशन के पास साधारणपुर गांव के निकट कई स्लीपर पूरी तरह से टूट हुए हैं। इन टूटे स्लीपरों पर प्रतिदिन 86 एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं। इसके अलावा करीब 25 मालगाड़ियों का भी आवागमन होता है।
इन ट्रेनों से रोजाना हजारों यात्री जान जोखिम में डाल अपना सफर तय करते हैं। इस ट्रैक क नियमित निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को साधारणपुर गांव के पास टूटे स्लीपर नहीं दिखाई दे रहे। अधिकारियों की लापरवाही से इस रूट पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैै।