बाराबंकी। जिले की 1150 ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार काे अभियान चलाकर मियावाकी पद्धति के तहत करीब 2.65 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।
जिले के सभी 15 ब्लॉकाें की सभी ग्राम पंचायतों में करीब 2.65 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक स्थान पर हरिशंकरी पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधे भी रोपित किए जाएंगे। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सभी ग्रामीणों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है।
उन्होंने बताया कि मियावाकी पद्धति से सभी पंचायतों में पौधे लगाए जाएंगे। इससे यह जल्दी ही एक घने वन का रूप ले लेते हैं। मियावाकी वन कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं जिससे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम होती है।
ये वन जल संचयन में मदद करते हैं और मिट्टी के क्षरण को रोकते हैं। मियावाकी पद्धति पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। यह पद्धति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करती है। मियावाकी पद्धति भविष्य के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करती है। (संवाद)