एल्गिन चरसड़ी बांध में कटान तेज होने से तराई में हड़कंप मच गया है। सोमवार देर रात घाघरा ने बांध में करीब पांच मीटर की कटान और कर दी। तेज बहाव से रायपुर मांझा, परसावल और कमियार गांव कट कर नदी में बह गए। इन गांवों के ज्यादातर लोग सुरक्षित स्थान पर पलायन कर गए हैं।
जिनके घर ऊंचाई पर थे, वहां के ग्रामीण रुके हुए थे। लेकिन रात में बांध कटने से उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। घरों में पानी भरने के बाद जो जितना सामान निकाल पाया, वो नाव पर लेकर सुरक्षित स्थान की ओर निकल गया।
एल्गिन चरसड़ी तटबंध कटने के बाद नदी पूरे वेग से गांवों को साफ करने लगी है। इसकी चपेट में आकर मांझारायपुर गांव तो पहले ही बह गया था। मंगलवार को परसावल और कमियार भी इसके आगोश में आ गए हैं।
नैपुरा और असुवा में भी पानी भरने लगा है। गोंडा जिले के नकरहा गांव में भी पानी भर गया है। तटबंध में हो रही कटान को देखते हुए जिलाधिकारी ने पहले ही अलर्ट जारी कर प्रभावित होने वाले गांवों को खाली कराने के आदेश एडीएम को दिए थे।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दो कंपनी फ्लड पीएसी भी तैनात कर दी गई थी। प्रशासन के आदेश पर लोगों ने गांव खाली करना शुरू कर दिया था। जो लोग गांवों में फंसे थे, उन्हें दो दिनों से नावों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
लेकिन नदी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.386 पर बह रही है। पूर्वानुमान है कि नदी का पानी मंगलवार देर रात से फिर बढ़ने लगेगा। अगर ऐसा हुआ तो नैपुरा, असुवा के साथ नकरहा गांव पर संकट बढ़ सकता है।
कमिश्नर फैजाबाद एसपी मिश्रा और जिलाधिकारी अजय यादव ने प्राथमिक विद्यालय गौरा स्थित बाढ़ केंद्र पहुंचे। वहां एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रभाकांत अवस्थी से बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली मदद की जानकारी ली। सीएमओ डॉ. सतीश चन्द्रा से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने तटबंध का जायजा लिया।