बाराबंकी। जिले के करीब तीन हजार लोग दूसरे राज्यों में रहकर भी अनाज का लाभ ले रहे हैं। प्रदेश में फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर चलाए गए अभियान में इसका खुुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद करीब 870 लोगों के नाम पोर्टल से हटा भी दिए गए हैं, जबकि 13 लोगों ने लिखकर दिया है कि वह जिले से ही अनाज लेना चाहते हैं। ऐसे में इनका नाम दूसरे राज्यों से हटाने के लिए लिखा गया है।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पाया गया कि जिले के करीब 2998 लोग ऐसे हैं जो पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली, मुंबई, बिहार, आंध्रप्रदेश आदि में रहकर मुफ्त अनाज योजना का लाभ ले रहे हैं और माह में दो बार बंटने वाला फ्री अनाज चार बार ले रहे हैं। अब तक करीब 870 लोगों के नाम पोर्टल से हटा दिए गए हैं जो दूसरे प्रदेशों में भी राशन कार्ड बनवाकर अनाज का लाभ ले रहे थे।
वहीं 13 लोगों ने विभाग को लिखकर दिया है कि वह जिले से ही अनाज लेेंगे। ऐसे में इनका नाम दूसरे राज्यों को पोर्टल से हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। बाकी बचे 2115 लोगों के नाम भी पोर्टल से हटाने का कार्य किया जा रहा है।
बाक्स
शासन स्तर पर चलाए गए अभियान के तहत जिले के करीब 2998 लोग ऐसे पाए गए, जो दूसरे राज्यों से भी अनाज का लाभ ले रहे थे। जांच रिपोर्ट में इस बात खुलासा होने के बाद ऐसे करीब 870 लोगों के नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। बाकी का नाम हटाने का कार्य चल रहा है।
डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी
सवा लाख को मिलेगी चीनी, आज से होगा वितरण
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनवरी के अनाज का वितरण बुधवार से शुरू हो रहा है। इसके तहत गेहूं और चावल का मुफ्त वितरण सभी कार्डधारकों में कराया जाएगा। बताया कि इसके अलावा करीब सवा लाख अंत्योदय कार्डधारकों को तीन माह की चीनी का वितरण एक साथ कराया जा रहा है। इसके लिए अन्त्योदय कार्डधारकों को निर्धारित मूल्य कोटेदार को देना होगा।