सुयश द्विवेदी अपने पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के साथ।
- फोटो : सुयश द्विवेदी अपने पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के साथ।
बाराबंकी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम ने जिले को बड़ी खुशी दी है। शहर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले तीन युवाओं ने कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन और मेहनत से बड़े मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। लखपेड़ाबाग के सुयश द्विवेदी ने 94वीं रैंक हासिल की, जबकि अभिजीत नंदन ने 294वीं और अनुपम वर्मा ने 681वीं रैंक हासिल की है। सुयश व अभिजीत आईएएस तो अनुपम वर्मा आईआरएस के लिए चयनित हुए हैं। तीनों की सफलता से जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है।
पांचवें प्रयास में सुयश ने हासिल किया मनचाहा मुकाम
शहर के लखपेड़ाबाग निवासी शिक्षक कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के पुत्र सुयश द्विवेदी ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 94 हासिल कर यह साबित कर दिया कि मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे भी कठिन परिश्रम और लगन के दम पर प्रशासनिक सेवा जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकते हैं। सुयश के पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी करीब 20 वर्ष तक वायु सेवा में कार्य करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बने और वर्तमान में रामनगर ब्लॉक में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। दो भाइयों में छोटे सुयश इस समय असम में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है। पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि बेटे ने फोन पर मां को कॉन्फ्रेंस में जोड़कर एक साथ यह खुशखबरी दी तो पूरा परिवार खुशी से भावुक हो गया। फोन पर सुयश ने बताया कि वह इस समय वहां किसी चुनाव ड्यूटी में हैं। दो महीने बाद घर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे ज्यादा मजबूत और सक्षम होते हैं, बस उन्हें अपनी प्रतिभा को समझना है।
प्रधानाचार्य के पुत्र अभिजीत नंदन बने आईएएस
शहर के रामसेवक यादव स्मारक इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग के प्रधानाचार्य जगन्नाथ वर्मा के पुत्र अभिजीत नंदन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 294 प्राप्त कर आईएएस में चयन हासिल किया है। अभिजीत की इस सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है।
बीडीओ रहते हुए अनुपम वर्मा बने आईआरएस अधिकारी
मसौली ब्लॉक के मुबारकपुर रसौली निवासी अनुपम वर्मा ने भी अपनी मेहनत और लगन के दम पर यूपीएससी परीक्षा में 681वीं रैंक हासिल कर इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) में चयन पाया है। अनुपम इस समय अयोध्या जिले के सोहावल ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनके पिता सुरेंद्र सिंह वर्मा किसान हैं और माता पूनम सिंह शिक्षा मित्र हैं। उनकी एक बहन मुस्कान भी पढ़ाई कर रही हैं। वर्ष 2023 में बीडीओ बनने के बाद भी अनुपम ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और अंततः अपनी मेहनत से इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की।