त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। लोनीकटरा थाना क्षेत्र के एक गांव की तीन लड़कियां शुक्रवार को घर से बाजार जाने के लिए निकलीं और लखनऊ पहुंच गईं। वहां रेलवे पुलिस ने उन्हें रोका और बाल संरक्षण गृह पारा के हवाले कर दिया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही सोमवार तक लड़कियां अपने अभिभावकों को मिल पाएंगी। तभी उनके लापता होने के पीछे की असली कहानी पता चलेगी। इनमें एक लड़की 18 वर्ष की बालिग है और दो 15-15 वर्ष की किशोरियां हैं। इनके लापता होने से परिवारजन काफी परेशान थे। मिलने की जानकारी पर राहत मिली।
तीनों लड़कियां अलग-अलग घराें से हैं। घर में तीनों ने बताया कि वह भिलवल बाजार कपड़े खरीदने जा रही हैं। देर शाम तक नहीं लौटीं तो परिजन परेशान हो गए। तीनों के परिजनों ने लोनीकटरा थाने में शिकायत की। सक्रिय हुई पुलिस ने भिलवल बाजार में पता लगाया तो जानकारी हुई कि वह किसी भी कपड़े की दुकान पर नहीं गईं। भिलवल से एक मैजिक वाहन से लखनऊ के अहमामऊ तक गईं, इसके बाद किसी वाहन से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां रेलवे पुलिस ने तीनों को संदिग्ध हालत में देखकर पूछताछ की। सही बात न बताने पर बाल संरक्षण गृह पहुंचा दिया। रेलवे पुलिस के जरिये लोनीकटरा पुलिस को भी लड़कियों के बारे में जानकारी हुई।
थानाध्यक्ष लोनी कटरा अभय कुमार मौर्य ने बताया कि तीनों लड़कियां चारबाग स्टेशन पर रेलवे पुलिस को मिली थीं, जिन्हें बाल संरक्षण गृह पारा में रखा गया है। वहां से न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को उनके परिजनों के सिपुर्द किया जाएगा। लड़कियां जब आएंगी तभी इस बात का पता चल सकेगा कि वह भिलवल बाजार जाने के बजाय किसके कहने व किसके साथ लखनऊ गईं, वहां से कहां जाने का इरादा था। इनको बहलाने में किसी गिरोह से सक्रिय होने का भी पता किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच कर कार्रवाई की जाएगी।