बाराबंकी। रामनगर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में 16 वर्षीय किशोर यश सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इन्कार करते हुए हत्या का आरोप लगाया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लगातार तीन दिनों तक पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। शुक्रवार को पुलिस द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शव लेकर घर जाने को राजी हुए। देर रात पुलिस में आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया है।
सराफा कारोबारी बिरजू सोनी का बेटा यश सोनी का शव बुधवार शाम को उसके घर के पास संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। आनन-फानन में परिजन उसे रामनगर सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बिरजू सोनी ने गांव के ही धीरज शुक्ला, नीरज शुक्ला, सोनू मिश्रा और लालजी पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का तर्क है कि यश के गले पर रस्सी के गहरे निशान थे, जबकि उसका शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था। साथ ही, घटनास्थल से आरोपियों की दुकान से जुड़ा एक लाल कागज भी मिला है, जिस पर वैभव शुक्ला का नाम लिखा है। परिजनों का कहना है कि इतनी कम उम्र का बालक अकेले फांसी नहीं लगा सकता, उसे मारकर लटकाया गया है।
न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने तीन दिनों तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठे रहे। मौके पर पहुंचे कोतवाल अनिल पांडे ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित पिता की तहरीर पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद ही परिजन शव लेकर गांव रवाना हुए।