सतरिख नाका चौराहा के समीप रामनगर तिराहा की जाने वाले मार्ग पर लगा जाम। -संवाद
बाराबंकी। करीब 3.30 लाख की आबादी वाले बाराबंकी शहर में पार्किंग की कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। बाजार हो, बस स्टेशन हो, रेलवे स्टेशन हो या फिर सरकारी कार्यालय, लोग जहां मर्जी, वहां वाहन खड़ा कर चले जाते हैं। नतीजतन शहर की हर सड़क पर जाम ही जाम नजर आता है। प्रशासन द्वारा दो स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए लेकिन ये भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
शहर के बीच से गुजरने वाले लखनऊ-अयोध्या हाईवे और रामनगर तिराहे से बहराइच मार्ग तक हालात सबसे अधिक खराब हैं। डीएम आवास, तहसील, दीवानी न्यायालय, रजिस्ट्री ऑफिस और जिला पंचायत कार्यालय के आसपास सड़कों पर खड़े सैकड़ों वाहनों से हर दिन जाम लगा रहता है।
मुख्य बाजार में चलना भी दुश्वार
निबलेट तिराहे से लेकर घंटाघर और नाका सतरिख तक का मुख्य बाजार पार्किंग से जुड़ी समस्या का केंद्र बन चुका है। यहां तीन से चार हजार दुकानों के साथ बैंक और अन्य कार्यालय भी हैं लेकिन पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। सड़क पर खड़े वाहनों के कारण पैदल चलना भी दुश्वार रहता है।
प्रशासन के प्रयास नाकाफी
पुरानी तहसील कार्यालय के परिसर और डीएम आवास के पास स्थित कॉलोनी के बगल में खाली जमीन पर पार्किंग बनाई गई लेकिन नगर पालिका की देखरेख में बनी इन पार्किंग का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। लोग अब भी सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं जिससे अक्सर ही जाम लगता है।
समय-समय पर की जाती है कार्रवाई
शहर में दो स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यातायात को सुगम बनाने के लिए पार्किंग स्थल पर ही चार पहिया और दो पहिया वाहनों को पार्क करने का निर्देश दिया गया है। सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
- रामयतन यादव, टीएसआई