बाराबंकी। देश के राष्ट्रपति रह चुके प्रसिद्ध वैज्ञानिक अब्दुल कलाम के नाम पर फर्जी पैरामेडिकल कोर्स कराने का यह मकड़जाल व फर्जीवाड़ा बाराबंकी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड से पंजाब तक फैला है। पिछले साल गोरखपुर पुलिस ने अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के नाम फर्जी बोर्ड बनाकर 109 कॉलेजों को फ्रेंचाइजी देने का खुलासा किया था। अब रामनगर में हुए फर्जीवाड़े के तार उसी फर्जी संस्था से जुड़ते दिख रहे हैं।
रामनगर में फ्रेंचाइजी देकर पैरामेडिकल कोर्स कराने का यह गोरखधंधा भी तीन साल से चल रहा था। स्कूल संचालित करने वाले प्रमोद कुमार उपाध्याय ने अदालत को दिए प्रार्थना पत्र में यह भी कहा है कि उनको फ्रेंचाइजी देने वाले पंकज पोरवार व इंदर पोरवार ने बताया था कि केवल यूपी में उनके 5000 अभ्यर्थी हैं। रामनगर में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने प्रथमदृष्टया पाया कि सारा खेल आगरा से हो रहा था।
सूत्र बताते हैं कि एएनएम, जीडीए, मेडिकल ड्रेसर, सीएमएस एंड ईडी, डीएमएलटी, डीएमआरटी, एक्सरे, ईसीजी, सीएमएलटी, सीसीसीई, डेंटल नर्सिंग, डीओटीटी, डायलिसिस टेक्नीशियन के डिप्लोमा-डिग्री कोर्स के नाम पर इनका नेटवर्क उत्तराखंड, बिहार व पंजाब तक है। इसका खुलासा सितंबर 2023 में गोरखपुर पुलिस कर चुकी है। फिलहाल रामनगर के एसएचओ रत्नेश पांडेय ने बताया कि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विवेचना शुरू कर दी गई है। रामनगर में प्रवेश लेने वाले छात्रों से भी बयान लिए जाएंगे।