बाराबंकी में शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का िनरीक्षण करते डीएम।
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घाघरा नदी का जलस्तर भले ही घटने लगा हो लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिन गांवों में पानी भरा हुआ है वहां के लोग अब भी सुरक्षित स्थान को पलायन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी शनिवार को प्रभावित गांवों में पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि विद्यालय बना है लेकिन शिक्षक नहीं आते हैं। जिस पर डीएम ने विद्यालय के शिक्षक को हटाने के आदेश दिए। वहीं जिलाधिकारी ने एलिग्न चरसड़ी तटबंध का निरीक्षण कर कराए जा रहे मरम्मत कार्यों को भी देखा और आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अजय यादव ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित परसावल और मांझा रायपुर गांव का जायजा लिया। इस दौरान पीड़ितों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के निराकरण के आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए।
पीड़ितों ने जिलाधिकारी को बताया कि यहां पर प्राथमिक विद्यालय तो बना है लेकिन जिस शिक्षक की तैनाती है वह कभी पढ़ाने नहीं आते हैं। जिस पर डीएम ने बीएसए को संबंधित शिक्षक को तत्काल हटाने के आदेश देते हुए ऐसे शिक्षक को तैनात करने का आदेश दिया है जो नियमित विद्यालय आए।
इसके बाद जिलाधिकारी एलिग्न चरसड़ी तटबंध पर कराए जा रहे मरम्मत कार्यों को देखा और निर्देश दिए कि ठोकर बनाने का जो कार्य चल रहा है उसमें तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर पूरी तरह से नजर रखी जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।