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Barabanki News: कचरे के जहरीले धुएं ने बिगाड़ी शहर की आबोहवा

Thu, 25 May 2023 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी शहर के ककरहिया मोहल्ला स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र पर कूड़े में लगी आग पर पाइप से पानी ड
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बाराबंकी। कूडा निस्तारण केंद्र में लगे पहाड़नुमा ढेर आसपास के लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। सुलग रहे कूड़े से निकल रहा धुआं शहर की जहां आबोहवा काे जहरीली बना रहा है वहीं आसपास के मोहल्लों के लोगों को बीमार भी कर रहा है। समस्या के निदान के बजाय नगर पालिका के कर्मचारी कूड़े के ढेर पर पानी छिड़ककर अधिकारियों की आंख में धूल झोंकते हैं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार इस समस्या के प्रति जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रहे।शहर के ककरहिया स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र पर पिछले दिनों छह ट्रॉमेल मशीनों में से एक को ठीक कराया गया है। जबकि दो और मशीनों को ठीक कराने का काम जारी है। एक ट्रॉमेल मशीन के सहारे नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 45 टन कूड़े का निस्तारण तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन यहां पहले से लगे कूड़े के ढेर जस के तस हैं।
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गर्मी शुरू होने के साथ ही कूड़े के ढेर सुलगना शुरू हो गए थे। करीब दो माह पहले तेज लपटें भी उठी थीं, लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। इसके बाद से यहां कूड़े के ढेर धधकने का सिलसिला जारी है। निस्तारण केंद्र के प्रवेश मार्ग से लेकर ट्रॉमेल मशीन के पीछे तक जगह-जगह कूड़े से धुआं उठ रहा है। धुआं इतना नुकसानदायक है कि इसके संपर्क में आते ही आंखों में तेज जलन शुरू हो जाती है। इसके साथ ही तेज दुर्गंध आसपास बसे हजारों परिवारों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
ट्रॉमेल मशीनों पर काम करने वाले कर्मचारियों ने ट्यूबवेल से पाइप लगा रखी है, जिससे बीच-बीच में छिड़काव कर धुएं को शांत कर दिया जाता है। यहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व मेें कई बार पानी की पाइप भी जल चुकी है। प्लांट के ईद-गिर्द घूमकर दिन रात नजर रखी जाती है और जहां धुआं तेज उठता है वहां पानी का छिड़काव कर दिया जाता है।
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संवाद
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बॉक्स
लाखों के वाहन हो गए कबाड़
ककरहिया में कूड़े के ढेर के नीचे दबे लाखों के वाहन या तो सुलग चुके हैं या जंक खाकर कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। यहां जेसीबी मशीनों के साथ ट्रॉलियां कई माह से खड़ी हैं। जिम्मेदारों का तर्क है कि पहले से ही निष्प्रयोज्य हो चुके वाहन खड़े थे। ऐसे में इन वाहनों की नीलामी कर देते तो राजस्व की थोड़ी भरपाई तो हो सकती थी।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग
रिटायर बैंक अधिकारी सुरेश चंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि कूड़ा निस्तारण केंद्र से निकलने वाले धुएं के कारण न तो बच्चे घरों से निकलते हैं और न ही मॉर्निंग व ईवनिंग वॉक करने वाले लोग। कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। अध्यापक चंदन त्रिपाठी बताते हैं कि आए दिन तेज धुआं उठने लगता है, इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतों होने लगती है, कर्मचारी आते हैं और पानी छिड़क देते हैं। डर है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।

क्या कहते हैं चिकित्सक
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि कूड़े के ढेर से निकलने वाले धुएं के कारण मनुष्यों में फेफड़े की बीमारियां हो जाती हैं। जहरीली गैसें पानी में घुल जाती हैं, जिससे मनुष्यों के साथ पशुओं को भी नुकसान होता है।


ककरहिया स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र पर कूड़ा निस्तारण तेजी से किया जा रहा है। कूड़े के ढेर पर आग न लगे, इसके लिए लगातार पानी का छिड़काव हो रहा है। इस समस्या का शीघ्र निस्तारण कर लिया जाएगा।
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-पवन कुमार, ईओ
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