शहर के सफीपुर में बारिश से बचाव के लिए स्ट्रॉबेरी के पौधों पर चढ़ाई गई पॉलिथीन। संवाद
बाराबंकी। सप्ताह भर में दूसरी बार हुई बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। रात से हो रही बूंदाबांदी के चलते तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। लोग घर और दफ्तरों में हीटर के सहारे ठंड से बचने का प्रयास करते रहे।
तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर अलाव न जलने से राहगीर परेशान रहे। औद्यानिक खेती करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सब्जी एवं फूल की अवस्था वाली फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालात यही रहे तो सब्जियों की पैदावार प्रभावित होगी। एडीएम इंद्रसेन का कहना है कि मौसम में आए बदलाव को देखते हुए सभी एसडीएम और ईओ को आवश्यकता वाले स्थानों पर अलाव जलवाने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार की आधी रात के बाद शुरू हुआ बूंदाबांदी का सिलसिला शनिवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। इसके चलते दिन में भी वाहन सवार लाइट जलाकर गुजरते दिखे। ज्यादातर सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। तराई वाले इलाकों में ठंड का असर अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक रहा।
शहर के प्रमुख स्थानों को छोड़ दिया जाए तो नगर पंचायत, ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालयाें में अभी पर्याप्त संख्या में अलाव नहीं जल पा रहे हैं। रामनगर में बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है। शहर में ही पल्हरी टैक्सी स्टैंड भारी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं परंतु यहां भी अलाव की व्यवस्था न होने से दिक्कतें हो रही हैं।
निंदूरा में ब्लॉक, सीएचसी, पीएचसी पर लोग ठिठुर रहे हैं। नगर पंचायत दरियाबाद के पूरब फाटक चौराहा, रेलवे स्टेशन पर अलाव नहीं जल रहा है। यही हाल सिरौलीगौसपुर, कोटवाधाम, सैदनपुर, सतरिख के प्रमुख चौराहों समेत अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला।